
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। गूगल पर दिखाए गए एक ऑनलाइन विज्ञापन पर भरोसा कर 260 रुपये का भुगतान करने के बाद अखरोट की डिलीवरी नहीं मिलने के मामले में जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण आयोग, ग्वालियर ने गूगल कंपनी को उपभोक्ता को 21 हजार 260 रुपये देने के आदेश दिए हैं।
आयोग ने कहा कि गूगल के मंच पर आकर्षक और भ्रामक विज्ञापन प्रदर्शित हुआ और शिकायत के बाद भी कंपनी संबंधित विज्ञापनदाता के खिलाफ की गई कार्रवाई की जानकारी नहीं दे सकी। आयोग ने इसे सेवा में कमी माना।
जिला आयोग के अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद शर्मा ने 28 सितंबर 2026 को यह आदेश बृजमोहन महाजन की ओर से प्रस्तुत परिवाद पर दिया। महाजन ने गूगल इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के अधिकृत अधिकारी के खिलाफ परिवाद दायर किया था।
परिवाद के अनुसार, 3 अक्टूबर 2023 को बृजमोहन महाजन गूगल नेटवर्क पर समाचार देख रहे थे। इसी दौरान उन्हें "हैप्पी अवर्स-6 दिवाली सेल ऑनलाइन" नाम की वेबसाइट पर एक किलो अखरोट गिरी केवल 260 रुपये में उपलब्ध होने का विज्ञापन दिखाई दिया।
विज्ञापन में 87 प्रतिशत छूट का उल्लेख था और प्रस्ताव सीमित समय के लिए होने की जानकारी दी गई थी। इसके बाद उन्होंने 260 रुपये का भुगतान कर दिया, लेकिन अखरोट की डिलीवरी नहीं हुई और न ही विक्रेता की ओर से कोई जानकारी दी गई।
महाजन ने गूगल को शिकायत भी की। कंपनी की ओर से उन्हें शिकायत दर्ज कराने के लिए संबंधित वेबसाइटों की जानकारी दी गई, लेकिन विज्ञापनदाता के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई, इसकी जानकारी नहीं दी गई।
परिवादी ने 260 रुपये वापस करने के साथ मानसिक क्षतिपूर्ति के रूप में चार लाख रुपये और प्रकरण व्यय के लिए 10 हजार रुपये की मांग की थी। आयोग ने मामले में गूगल कंपनी को नोटिस दिया, लेकिन उसके अनुपस्थित रहने के कारण एकपक्षीय कार्यवाही की गई।
परिवादी ने अपने दावे के समर्थन में शपथपत्र और दस्तावेज पेश किए। आयोग ने माना कि एक किलो अखरोट को 87 प्रतिशत छूट के साथ 260 रुपये में बेचने का प्रस्ताव आकर्षक और उपभोक्ता को खरीद के लिए प्रेरित करने वाला था।
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आयोग के अनुसार, इस तरह के आकर्षक और भ्रामक विज्ञापन को रोकने के लिए गूगल की ओर से पर्याप्त कार्रवाई नहीं की गई। हालांकि आयोग ने यह भी माना कि उपभोक्ता को इतने अधिक छूट वाले विज्ञापन से प्रभावित होकर खरीदारी करने से पहले सावधानी बरतनी चाहिए थी। इसी कारण चार लाख रुपये की मानसिक क्षतिपूर्ति और 10 हजार रुपये प्रकरण व्यय की मांग पूरी तरह स्वीकार नहीं की गई।
आयोग ने गूगल कंपनी को आदेश दिया है कि वह 45 दिन के भीतर महाजन को 260 रुपये की उत्पाद राशि, मानसिक परेशानी के लिए 20 हजार रुपये और प्रकरण व्यय के 1000 रुपये अदा करे। साथ ही इस तरह के भ्रामक विज्ञापनों के लिए अपने मंच के उपयोग को प्रतिबंधित करने की कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। निर्धारित अवधि में राशि का भुगतान नहीं होने पर पूरी राशि पर आदेश की तारीख से भुगतान तक छह प्रतिशत वार्षिक ब्याज देना होगा।