
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। भारतीय सेना में जाने का जज्बा ग्वालियर और चंबल अंचल के युवाओं में लगातार बढ़ता जा रहा है। इस बार 1509 अग्ग्निवीर प्रदेश के 10 जिलों से मिले हैं। इसमें से करीब 65 प्रतिशत जवान भिंड, मुरैना और ग्वालियर जिलों के रहने वाले हैं। यह आंकड़ा बताता है कि भले ही अग्निवीर का सेवाकाल चार वर्ष है, लेकिन अंचल के युवाओं में सेना के प्रति जुनून और जज्बा पहले जैसे ही बरकरार है। जबकि शुरुआत में अग्निपथ योजना का सबसे ज्यादा विरोध भी इसी इलाके में हुआ था।
जून 2022 से अग्निपथ योजना सेना में भर्ती के लिए लागू हुई थी। पहली बार में 417 अभ्यर्थी चयनित हुए। इसके बाद 700 से 900 तक संख्या रही, लेकिन इस बार संख्या 1500 पार कर गई। सेना भर्ती कार्यालय को पहली बार दो बार मेरिट लिस्ट जारी करनी पड़ीं। दो बार में दस्तावेज सत्यापन की प्रक्रिया भी हुई। चयनित अभ्यर्थियों का आखिरी बैच रविवार को ट्रेनिंग पर रवाना हुआ। रविवार को 152 अभ्यर्थी ट्रेनिंग के लिए रवाना हुए। छह माह तक इनकी ट्रेनिंग होगी, इसके बाद भारतीय सेना की विभिन्न रेजीमेंट में तैनाती की जाएगी।
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इस बार 1500 से ज्यादा अग्निवीर सेना को मिले हैं। सबसे ज्यादा भिंड, मुरैना और ग्वालियर के अभ्यर्थी हैं। पांच जनवरी से इनकी ट्रेनिंग शुरू हो जाएगी। कर्नल पंकज कुमार, निदेशक, सेना भर्ती कार्यालय, ग्वालियर।
भिंड- 309
ग्वालियर- 161
छतरपुर- 47
दतिया- 50
मुरैना- 542
निवाड़ी- 50
सागर- 108
श्योपुर- 16
शिवपुरी- 161
टीकमगढ़- 65
कुल- 1509