ग्वालियर में APK फाइल से मोबाइल हैक, 50 मिनट में सात ट्रांजेक्शन... खाते से ₹3.63 लाख उड़ाए
ग्वालियर में साइबर ठगी का एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां APK फाइल के जरिए एक बुजुर्ग का मोबाइल हैक कर लिया गया। ठगों ने महज 50 मिनट के भीतर सात बार ...और पढ़ें
Publish Date: Sun, 11 Jan 2026 10:12:05 PM (IST)Updated Date: Sun, 11 Jan 2026 10:12:05 PM (IST)
MP में मोबाइल पर आए ओटीपी से साइबर ठगों ने की बड़ी ठगी। प्रतीकत्मक फोटोHighLights
- APK फाइल से मोबाइल हैक कर ठगी
- बुजुर्ग के खाते से 3.63 लाख उड़ाए
- OTP और डेटा ठगों तक पहुंचा
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर: तमाम जागरूकता अभियानों और सावधानियों के बावजूद साइबर अपराधी आम नागरिकों को अपने जाल में फंसा रहे हैं। ग्वालियर के थाटीपुर थाना क्षेत्र स्थित शकुंतलापुरी में ऐसा ही एक मामला सामने आया है, जहां ठगों ने SBI के नाम से भेजी गई APK (एंड्रॉयड पैकेज किट) फाइल के जरिए बुजुर्ग के मोबाइल को हैक कर लिया।
लिंक पर क्लिक करते ही हुआ मोबाइल हैक
पीड़ित पंकज सक्सेना ने पुलिस को बताया कि सात जनवरी की शाम वे अपने मोबाइल फोन का उपयोग कर रहे थे। इसी दौरान उनके मोबाइल पर SBI के नाम से एक एपीके लिंक आया। अनजाने में उन्होंने उस लिंक पर क्लिक कर दिया, जिससे फाइल डाउनलोड हो गई। इसके बाद उनका मोबाइल पूरी तरह साइबर ठगों के नियंत्रण में चला गया।
OTP और निजी जानकारी ठगों तक पहुंची
मोबाइल हैक होने के बाद पीड़ित के फोन पर आने वाले ओटीपी, बैंक अलर्ट और अन्य जरूरी जानकारियां साइबर ठगों तक पहुंचने लगीं। इसका फायदा उठाकर अपराधियों ने पीड़ित के बैंक खातों और कार्ड की जानकारी का दुरुपयोग किया।
50 मिनट में सात बार निकाली रकम
साइबर ठगों ने पंकज सक्सेना के क्रेडिट कार्ड और एटीएम कार्ड का इस्तेमाल करते हुए सात अलग-अलग ट्रांजेक्शन किए। महज 50 मिनट के भीतर कुल 3 लाख 63 हजार 671 रुपये उनके खातों से निकाल लिए गए। लगातार बैंक से पैसे निकलने के मैसेज आने पर पीड़ित को ठगी का अहसास हुआ।
तुरंत की साइबर क्राइम में शिकायत
घटना का पता चलते ही पंकज सक्सेना ने तुरंत साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराई। इसके साथ ही उन्होंने अपने बैंक खातों को होल्ड कराने की प्रक्रिया भी पूरी की, जिससे आगे की ठगी को रोका जा सके।
पुलिस कर रही जांच
थाटीपुर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और साइबर सेल की मदद से जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि ठगों ने किस माध्यम से एपीके फाइल भेजी और पैसे किन खातों में ट्रांसफर किए गए।