
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर: डॉ.भीमराव आंबेडकर का चित्र जलाने के मामले में गिरफ्तार किए गए एडवोकेट अनिल मिश्रा के जमानत आवेदन पर रविवार को अवकाश के दिन मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के ग्वालियर खंडपीट में सुनवाई हुई। हाई कोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ में न्यायमूर्ति जीएस अहलूवालिया व न्यायमूर्ति आशीष श्रोती की युगल पीठ ने पहले याचिका संशोधन के आवेदन पर सुनवाई की।
इसमें फरियादी को प्रतिवादी के रूप में पक्षकार बनाए जाने की मांग की गई थी। न्यायालय ने अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम और सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय हरिराम भांभी बनाम सत्यनारायण व अन्य का हवाला देते हुए कहा कि फरियादी को सुनवाई का उचित अवसर दिया जाना आवश्यक है। मामले की अगली सुनवाई पांच जनवरी सोमवार सुबह 10:30 बजे की जाएगी।
याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने पक्ष रखा। जबकि, राज्य शासन की ओर से महाधिवक्ता प्रशांत सिंह, अतिरिक्त महाधिवक्ता व शासकीय अधिवक्ताओं ने पैरवी की।
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बता दें कि इस मामले में अनिल मिश्रा सहित आठ लोग गिरफ्तार किए गए थे। ग्वालियर पुलिस ने रविवार को शिकायत करने वाले भीम आर्मी नेता मकरंद बौद्ध को भी गिरफ्तार कर लिया है। उसके खिलाफ जून 2025 से स्थायी वारंट जारी था, रविवार को वकीलों ने जब यह मुद्दा उठाया तो यूनिवर्सिटी थाना पुलिस ने सुनवाई के कुछ देर बाद उसे गिरफ्तार किया।
हाई कोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष पवन पाठक का कहना है कि जब मकरंद बौद्ध के खिलाफ स्थायी वारंट जारी था, फिर वह फरियादी कैसे बन गया।