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Union Budget 2026 : ग्वालियर के लघु उद्योगों के लिए भी ग्रोथ बूस्टर

Union Budget 2026: बजट 2026-27 में एमएसएमई सेक्टर के लिए 10 हजार करोड़ के एसएमई ग्रोथ फंड और 200 पारंपरिक औद्योगिक क्लस्टरों के पुनरुद्धार की घोषणा की...और पढ़ें

By Digital DeskEdited By: manoj dubey
Publish Date: Mon, 02 Feb 2026 10:05:36 AM (IST)Updated Date: Mon, 02 Feb 2026 10:05:36 AM (IST)
Union Budget 2026 : ग्वालियर के लघु उद्योगों के लिए भी ग्रोथ बूस्टर
ग्वालियर के लघु उद्योगों के लिए भी यह बजट ग्रोथ बूस्टर साबित हो सकता है।

HighLights

  1. क्लस्टर विकास और आधुनिक तकनीक
  2. कारर्पोरेट मित्र और आसान कंप्लायंस
  3. क्रेडिट गारंटी और वर्किंग कैपिटल की सुगमता

नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा रविवार को पेश किए गए केंद्रीय बजट 2026-27 ने ग्वालियर के औद्योगिक परिदृश्य, विशेषकर सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों के लिए उम्मीदों की नई खिड़की खोल दी है।

बजट में एमएसएमई सेक्टर के लिए 10 हजार करोड़ के एसएमई ग्रोथ फंड और 200 पारंपरिक औद्योगिक क्लस्टरों के पुनरुद्धार की घोषणा की गई है, जिसका सीधा और सकारात्मक असर ग्वालियर के लोहा उद्योग, हस्तशिल्प और फूड प्रोसेसिंग यूनिट्स पर पड़ने वाला है। ग्वालियर के लघु उद्योगों के लिए भी यह ग्रोथ बूस्टर साबित हो सकता है।

क्लस्टर विकास और आधुनिक तकनीक

ग्वालियर में कई लेगेसी औद्योगिक क्षेत्र हैं, जैसे तानसेन नगर और महाराजपुरा। बजट में 200 पुराने इंडस्ट्रियल क्लस्टरों को आधुनिक बनाने का प्रस्ताव है। ऐसे में पारंपरिक उद्योगों को नई मशीनरी और बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए केंद्र से वित्तीय मदद मिलेगी।


कारर्पोरेट मित्र और आसान कंप्लायंस

वित्त मंत्री ने टियर-2 और टियर-3 शहरों (जैसे ग्वालियर) के लिए कार्पोरेट मित्र कैडर बनाने का ऐलान किया है। छोटे उद्यमियों को जीएसटी, टैक्स ऑडिट और अन्य कानूनी पेचीदगियों को समझने के लिए अब बड़े शहरों के चक्कर नहीं लगाने होंगे। स्थानीय स्तर पर ही उन्हें सस्ती दर पर विशेषज्ञ सलाह मिल सकेगी।

क्रेडिट गारंटी और वर्किंग कैपिटल की सुगमता

बजट में बिना गारंटी लोन की सीमा बढ़ाने और सिडबी के माध्यम से लिक्विडिटी सपोर्ट का प्रविधान किया गया है। ग्वालियर के उभरते स्टार्टअप्स और छोटे कारखानों को कच्चे माल की खरीदी के लिए आसानी से कर्ज मिल सकेगा। अब एमएसएमई के भुगतान रुकने की समस्या भी खत्म होगी।

उद्योग और व्यापार को नई दिशा देने वाला बजट

बजट में सिटी इकोनामिक रीजन के विकास की बात कही गई है, जिससे ग्वालियर जैसे उभरते व्यापारिक केंद्रों को नई पहचान और निवेश मिलने की प्रबल संभावना है। बजट में एमएसएमई के लिए घोषित 10 हजार करोड़ का एसएमई ग्रोथ फंड और दो हजार करोड़ की लिक्विडिटी सपोर्ट से ग्वालियर-चंबल संभाग के लघु उद्योगों को भी विस्तार करने में मदद मिलेगी।

यह भी पढ़ें- बजट 2026 : मध्य प्रदेश में टियर-2 टियर-3 कस्बों में कॉरपोरेट मित्रा तैयार करने में मिलेगी मदद

12.2 लाख करोड़ रुपये का रिकार्ड पूंजीगत व्यय और नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर की घोषणा से लॉजिस्टिक लागत में कमी आएगी, जिसका सीधा लाभ व्यापारियों को मिलेगा।

प्रवीण अग्रवाल, अध्यक्ष चैंबर ऑफ कामर्स।

ग्वालियर के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के लिए 10 हजार करोड़ रुपये का फंड एक लाइफलाइन साबित होगा। विशेष रूप से अंचल की छोटी व फूड प्रोसेसिंग से जुड़ी छोटी इकाइयों को इससे पंख मिलेंगे। साथ ही एमएसएमई के लिए क्रेडिट गारंटी और टीआरइडीएस प्लेटफार्म का विस्तार व्यापारिक जगत की तरलता की समस्या को हल करेगा ।

-रवि गुप्ता, अध्यक्ष कैट।