चंबल के बीहड़ों में दुबई मॉडल की तर्ज पर एडवेंचर टूरिज्म, रेवाइन सफारी का आनंद ले सकेंगे टूरिस्ट
मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड चंबल के बीहड़ों में विश्वस्तरीय एडवेंचर और रेवाइन टूरिज्म सर्किट विकसित करेगा। सफारी, कैंपिंग, वाटर स्पोर्ट्स और ग्रामीण अनु...और पढ़ें
Publish Date: Fri, 25 Sep 2026 09:25:52 AM (IST)Updated Date: Fri, 25 Sep 2026 09:37:11 AM (IST)
चंबल के बीहड़ों में दुबई मॉडल की तर्ज पर एडवेंचर टूरिज्म। (एआई जनरेटेड)HighLights
- चंबल में रेवाइन सफारी और एडवेंचर टूरिज्म सर्किट विकसित होगा।
- दुबई सफारी मॉडल से प्रेरित गतिविधियां यहां शुरू होंगी।
- एटीवी, जिपलाइन, ट्रैकिंग और कयाकिंग जैसी सुविधाएं प्रस्तावित हैं।
प्रियंक शर्मा l नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर: मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड ने चंबल क्षेत्र को विश्वस्तरीय एडवेंचर और अनुभवात्मक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की योजना बनाई है। बोर्ड ने ग्वालियर, मुरैना, भिंड और श्योपुर जिलों में फैले बीहड़ों में एडवेंचर और रेवाइन टूरिज्म सर्किट के विकास, संचालन और प्रचार के लिए योग्य एजेंसियों, निवेशकों और टूरिज्म आपरेटरों से आफर आमंत्रित किए हैं।
दुबई डेजर्ट सफारी की तर्ज पर विकसित होगी चंबल रेवाइन सफारी
- प्राथमिक योजना के मुताबिक इस परियोजना का मुख्य आकर्षण चंबल रेवाइन सफारी होगा, जिसे दुबई डेजर्ट सफारी के सफल माडल से प्रेरित होकर विकसित किया जाएगा। यहां पर्यटकों को रेवाइन सफारी, एटीवी और बग्गी में आफ रोडिंग ड्राइविंग, जिपलाइन, माउंटेन साइकिलिंग, ट्रैकिंग, कयाकिंग और एडवेंचर कैंपिंग जैसी रोमांचक गतिविधियों का अनुभव मिलेगा।
इसके साथ ही पर्यटकों के लिए व्यूप्वाइंट, सनराइज-सनसेट सफारी, फोटोग्राफी सफारी और अनुमति मिलने पर नाइट सफारी, बर्ड वाचिंग, नेचर वाक, रोप कोर्स, सस्पेंशन ब्रिज, जायंट स्विंग, क्लाइंबिंग वाल जैसी गतिविधियां विकसित की जाएंगी। ग्रामीण जीवन शैली और ऐतिहासिक पर्यटन स्थलों का होगा संगम
- पर्यटकों के लिए सर्किट में स्थानीय लोक कला प्रदर्शन, ग्रामीण जीवन शैली का अनुभव, नदी पर्यटन और पारंपरिक खान-पान को भी शामिल किया जाएगा। यह सर्किट राष्ट्रीय चंबल अभयारण्य, कूनो नेशनल पार्क, मितावली, पड़ावली, बटेश्वर और ककनमठ जैसे महत्वपूर्ण ऐतिहासिक व प्राकृतिक पर्यटन स्थलों को कवर करेगा।
- यहां पर्यटकों को लंबे समय तक रोकने के लिए लग्जरी टेंट, ग्लैम्पिंग, इको कैंप, एडवेंचर कैंप और फैमिली कैंपिंग जैसी सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी। इसमें एक सिग्नेचर इवनिंग एक्सपीरियंस भी तैयार करने की योजना है। पर्यटन बोर्ड का लक्ष्य ऐसा अनुभव तैयार करना है, जिससे पर्यटक कुछ घंटे के बजाय कई घंटे या कई दिन चंबल क्षेत्र में रुकें। इसका प्रचार-प्रसार अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी बोर्ड द्वारा किया जाएगा।
स्थानीय युवाओं और कारोबार को मिलेगा अवसर
स्थानीय युवाओं और कारोबार को मिलेगा अवसर: परियोजना में स्थानीय लोगों की भागीदारी पर भी जोर दिया गया है। स्थानीय गाइड, सफारी ड्राइवर, हास्पिटैलिटी स्टाफ, एडवेंचर असिस्टेंट, कलाकार, कारीगर, खाद्य आपूर्तिकर्ता, किसान, परिवहन प्रदाता और होमस्टे संचालकों को पर्यटन गतिविधियों से जोड़ने का प्रस्ताव है। स्थानीय युवाओं के लिए गाइड, सफारी ड्राइविंग, हास्पिटैलिटी, रेस्क्यू और अन्य क्षेत्रों में प्रशिक्षण की व्यवस्था भी की जाएगी।
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