कूनो से ग्वालियर तक हाईवे पर बढ़ी चीतों की चहलकदमी, बढ़ाई जाएगी सुरक्षा
सात दिसंबर 2025 को ग्वालियर के घाटीगांव सिमरिया टांका पर रविवार सुबह कार ने सड़क पार कर रहे चीते को टक्कर मार दी थी। यह चीता गामिनी का शावक था। टक्कर ...और पढ़ें
Publish Date: Fri, 16 Jan 2026 11:03:24 AM (IST)Updated Date: Fri, 16 Jan 2026 11:13:50 AM (IST)
सड़क पर चीतों के आने से वाहनों से उनके टकराने का खतरा बना रहता है। फाइल फोटोHighLights
- ग्वालियर के पास शिवपुरी हाईवे पर वाहन के टकराने से हो चुकी है एक चीता की मौत
- रेलिंग और स्पीड मापने वाले कैमरे लगवाने के लिए वन विभाग ने एनएचएआइ को लिखा पत्र
- कूनो नेशनल पार्क से दूर भी अब चीता उपयुक्त जंगली माहौल की तलाश कर रहे हैं
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। श्योपुर के कूनो नेशनल पार्क में बसाए गए चीते बढ़ती संख्या के बाद अब वहां से 150 से 200 किमी दूर ग्वालियर-मुरैना तक चहलकदमी कर रहे हैं, कुछ चीते काफी दिनों से ग्वालियर-मुरैना में ही डेरा डाले हैं। ये चीते हाईवे पार करते हुए भी देखे गए हैं। हाईवे पार करते समय एक चीते की मौत भी हो चुकी है।
ऐसे में वन विभाग ने चिंता जताते हुए हाईवे को पूरी तरह चीतों के लिए सुरक्षित करने की कवायद शुरू कर दी है। वन विभाग एनएचएआइ को प्रस्ताव भेजकर ग्वालियर से शिवपुरी तक हाईवे पर रेलिंग, तेज गति में चलने वाले वाहनों की गति नियंत्रण के लिए स्पीड कंट्रोलर व आटोमेटिक कैमरे लगाने का आग्रह करेगा। इसके अलावा वन विभाग वाहन चालकों को अलर्ट करते हुए चीतों के आवागमन संबंधी बोर्ड भी लगाने जा रहा है।
सात दिसंबर 2025 को ग्वालियर के घाटीगांव सिमरिया टांका पर रविवार सुबह कार ने सड़क पार कर रहे चीते को टक्कर मार दी थी। यह चीता गामिनी का शावक था। टक्कर लगने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई थी। शावक के साथ दूसरा चीता बाल- बाल बच गया था। आशा चीता का शावक भी इसी इलाके में लंबे समय से मौजूद है। मुरैना जिले में भी एक चीता है, जिससे वन विभाग का मानना है कि कूनो से दूर भी चीता उपयुक्त जंगली माहौल तलाश रहे हैं, इसलिए यहां भी इनकी सुरक्षा बढ़ाना जरूरी है।