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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 04, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

मध्य प्रदेश के लॉ कॉलेजों पर मंडरा रहा खतरा, उच्च शिक्षा विभाग ने मांगी रिपोर्ट, जानें पूरा मामला

उच्च शिक्षा विभाग के आयुक्त निशांत वरवड़े ने मध्य प्रदेश के सभी शासकीय विश्वविद्यालयों के कुलसचिवों को पत्र भेजकर उनसे ऐसे कॉलेजों की जानकारी मांगी है...और पढ़ें

By Aditya KumarEdited By: Aditya Kumar
Publish Date: Wed, 04 Jun 2025 03:51:40 PM (IST)Updated Date: Wed, 04 Jun 2025 03:51:40 PM (IST)
मध्य प्रदेश के लॉ कॉलेजों पर मंडरा रहा खतरा, उच्च शिक्षा विभाग ने मांगी रिपोर्ट, जानें पूरा मामला
मध्य प्रदेश के लॉ कॉलेजों पर मंडरा रहा खतरा

नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर (Law College in Madhya Pradesh)। मध्य प्रदेश के सभी शासकीय विश्वविद्यालयों से संबद्धता प्राप्त कई विधि कॉलेजों की संबद्घता अब खतरे में आ सकती है। उच्च शिक्षा विभाग के आयुक्त निशांत वरवड़े ने सभी शासकीय विश्वविद्यालयों के कुलसचिवों को पत्र भेजकर उनसे ऐसे कॉलेजों की जानकारी मांगी है, जहां एलएलबी और बीए एलएलबी के पाठ्यक्रम संकाय के रूप में संचालित हैं और जहां रूल्स ऑफ लीगल एजुकेशन का पालन नहीं हो रहा है।

कॉलेजों का रुल्स ऑफ लीगल एजुकेशन के अनुरूप होना अनिवार्य

बार काउंसिल ऑफ इंडिया के निर्देश पर जारी इस आदेश में विश्वविद्यालय प्रबंधन को तीन दिन का समय देकर उनसे सभी कॉलेजों की जानकारी एक सूची के रूप में भेजे जाने की बात कही गई है। उच्च शिक्षा विभाग के आयुक्त ने कहा कि प्रदेश के विधि महाविद्यालयों को लेकर बार काउंसिल ऑफ इंडिया समय-समय पर जानकारी मांगता है, खास तौर पर कॉलेजों का रुल्स ऑफ लीगल एजुकेशन के अनुरूप होना अनिवार्य होता है। इसके चलते अब विधि कॉलेज संचालकों को दोबारा से अपने कालेजों की संबंधित जानकारी उच्च शिक्षा विभाग को देनी होगी।


विधि कॉलेज को संचालित करने के लिए कुछ नियम

विधि कॉलेज संचालन के लिए रूल्स ऑफ लीगल एजुकेशन के अंतर्गत, किसी भी विधि कॉलेज को संचालित करने के लिए कुछ नियम और विनियम निर्धारित हैं। ये नियम मुख्य रूप से बार काउंसिल ऑफ इंडिया द्वारा निर्धारित किए गए हैं, जो भारत में कानूनी शिक्षा के विनियमन के लिए जिम्मेदार है। जिनमें कुछ मुख्य नियम और विनियम इस प्रकार हैं।

संबद्धता : किसी भी विधि कॉलेज को संचालित करने के लिए, उसे पहले किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से संबद्धता प्राप्त करनी होगी. संबद्धता के लिए, कॉलेज को विश्वविद्यालय की टीम द्वारा निरीक्षण से गुजरना होगा और फिर संबंधित राज्य सरकार से एनओसी प्राप्त करना होगा।

प्रवेश : विधि कॉलेज में प्रवेश के लिए, उम्मीदवारों को कुछ पात्रता मानदंडों को पूरा करना होगा, जैसे कि किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 102 या स्नातक की डिग्री होना।

पाठ्यक्रम : विधि कॉलेज को बीसीआइ द्वारा निर्धारित पाठ्यक्रम के अनुसार ही शिक्षण प्रदान करना होगा, पाठ्यक्रम में कम से कम 30 घंटे का शिक्षण शामिल होना चाहिए, जिसमें प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे का शिक्षण और 30 मिनट का अवकाश शामिल है।

शिक्षण : विधि कॉलेज में शिक्षण के लिए, योग्य और अनुभवी शिक्षकों की नियुक्ति किया जाना अनिवार्य है।

अधोसंरचना : विधि कॉलेज में पर्याप्त अधोसंरचना, मसलन पुस्तकालय, व्याख्यान कक्ष आदि होना आवश्यक है।

अध्ययन : विधि कॉलेज में छात्रों को अध्ययन के लिए पर्याप्त समय और अवसर दिए जाने चाहिए. विधि कॉलेज में छात्रों को कानूनी शिक्षा के साथ-साथ अन्य आवश्यक कौशल भी प्रदान किए जाने चाहिए।

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