
ग्वालियर। वर्तमान में अनियमित दिनचर्या बीमारी की सबसे बड़ी वजह है। खासकर डायबिटीज जो खराब दिनचर्या की वजह से होने वाली बीमारी ही है। यह समस्या लगातार बढ़ती ही जा रही है। डायबिटीज में शरीर का ऐसा कोई अंग नहीं जिसे डायबिटीज प्रभावित न करती हो। लगातार डायबिटीज के मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है।
अब युवाओं को भी डायबिटीज अपनी चपेट में ले रही है। प्री-डायबिटीज अब जरूरी है। खासकर उन लोगों के लिए जिनके माता-पिता को डायबिटीज की शिकायत है। ऐसे लोगों का अगर वजन बढ़ रहा है तो अपना प्री-डायबिटीज के स्टेटस का पता कर डायबिटीज को होने से रोक सकते हैं। कई बार शुरुआत में ही डायबिटीज पकड़ में आ जाती है तो कई बार बिना दवा के ही इसे नियंत्रित किया जा सकता है।
पहली या द्वितीय स्टेज में डायबिटीज को रिर्वेस किया जा सकता है। अगर दिनचर्या में सुधार किया जाए तो दवाईयां या इंसुलिन का लेना कम हो सकता है। कई बार बंद तक हो जाता है। इसलिए दिनचर्या पर सबसे ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है।
डा.मुकेश गुप्ता, चिकित्सक