
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। अस्पतालों में मरीजों को बेहतर इलाज देने के दावों के बीच पानी की सप्लाई बाधित होने से डायलिसिस जैसी जरूरी सेवा प्रभावित हो गई। पीएचई की 600 एमएम की मुख्य पाइपलाइन फूटने से सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में शुक्रवार दोपहर से पानी का संकट बना हुआ है। इसका असर शनिवार को डायलिसिस सेवा पर पड़ा।
डायलिसिस कराने पहुंचे मरीजों को वापस लौटना पड़ा, जबकि कुछ मरीजों को हजार बिस्तर अस्पताल भेजा गया। सुपर स्पेशियलिटी में रोजाना 25 से 30 मरीजों की डायलिसिस होती है। ऐसे में पानी की सप्लाई बंद होने से मरीजों को इलाज के लिए भटकना पड़ा।
खास बात यह है कि शनिवार को जब मरीज डायलिसिस के लिए परेशान हो रहे थे, उसी दौरान गजराराजा मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. आरकेएस धाकड़ सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में बैठक ले रहे थे। दूसरी ओर पानी की व्यवस्था नहीं होने से मरीजों की डायलिसिस नहीं हो सकी। डायलिसिस प्रक्रिया में पानी की महत्वपूर्ण भूमिका होती है, इसलिए इसकी निर्बाध सप्लाई जरूरी है।
सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में पानी की समस्या के बीच हजार बिस्तर अस्पताल में भी पहले से संकट बना हुआ था। यहां बोरिंग की केबल चोरी होने से पानी की उपलब्धता प्रभावित हो गई। पाइपलाइन फूटने से उत्पन्न स्थिति के बीच इस समस्या ने परेशानी और बढ़ा दी। जानकारी मिलने पर अस्पताल अधीक्षक डा. सुधीर सक्सेना मौके पर पहुंचे और नई केबल डालने के निर्देश दिए। इसके बाद शनिवार दोपहर बोरिंग दोबारा शुरू हो गई।
अस्पताल अधीक्षक डा. सक्सेना ने बताया कि बोरिंग की करीब 350 फीट लंबी केबल चोरी कर ली गई थी। उनके अनुसार, अंडरपास निर्माण के लिए संबंधित एजेंसी ने अस्पताल की दीवार तोड़ दी थी, जिससे चोरी की घटना हुई। नई केबल डालने के बाद बोरिंग चालू कर दी गई।
शुक्रवार दोपहर से सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में पानी की समस्या बनी हुई है। इस कारण डायलिसिस सेवा प्रभावित हुई है। रविवार दोपहर तक पानी की सप्लाई सुनिश्चित हो सकेगी। इसके बाद ही डायलिसिस शुरू होगीं। डॉ. मनीष चतुर्वेदी, प्रवक्ता, जेएएच