• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • दिवाली पूजन 2026
  • होम
  • मध्य प्रदेश
  • ग्वालियर

सिंधिया राजपरिवार संपत्ति बंटवारा विवाद, ज्योतिरादित्य की बड़ी बुआ की बेटी ने सबूत पेश करने को मांगा समय

प्रतिमा देवी ने धोखाधड़ी से हस्ताक्षर करवाए जाने के आरोप के समर्थन में साक्ष्य प्रस्तुत करने के लिए और समय मांगा।

By Digital DeskEdited By: manoj dubey
Publish Date: Wed, 04 Nov 2026 08:42:31 PM (IST)Updated Date: Wed, 04 Nov 2026 08:56:46 PM (IST)
सिंधिया राजपरिवार संपत्ति बंटवारा विवाद, ज्योतिरादित्य की बड़ी बुआ की बेटी ने सबूत पेश करने को मांगा समय

HighLights

  1. प्रतिमा देवी की ओर से कुछ और समय देने का आवेदन दिया गया
  2. प्रतिमा ने कोर्ट में समझौता प्रस्ताव पर आपत्ति जताई थी
  3. मामले में 78 साल पुराना ऐतिहासिक विलय पत्र भी शामिल

नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। सिंधिया राजपरिवार की करीब 41 हजार करोड़ रुपये की संपत्ति के बंटवारे को लेकर चल रहे विवाद में बुधवार को अतिरिक्त सत्र न्यायालय में सुनवाई हुई। इसमें प्रतिमा देवी ने धोखाधड़ी से हस्ताक्षर करवाए जाने के आरोप के समर्थन में साक्ष्य प्रस्तुत करने के लिए और समय मांगा।

प्रतिमा देवी ने 30 नवंबर तक समय दिए जाने की मांग आवेदन के माध्यम से की, लेकिन कोर्ट ने 18 नवंबर तक का समय दिया है। केंद्रीय मंत्री सिंधिया के वकीलों ने कोर्ट से कहा कि समय दिए जाने की आवश्यकता नहीं है।


प्रतिमा देवी की ओर से कुछ और समय देने का आवेदन दिया गया

बुधवार को हुई सुनवाई में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की दिवंगत बड़ी बुआ पद्मावती राजे की बेटी प्रतिमा देवी की ओर से कुछ और समय देने का आवेदन दिया गया। प्रतिमा ने आरोप लगाया है कि उनसे धोखाधड़ी कर समझौता प्रस्ताव पर हस्ताक्षर कराए गए थे। उन्हें अपने आरोपों के समर्थन में साक्ष्य भी पेश करने हैं।

प्रतिमा ने कोर्ट में समझौता प्रस्ताव पर आपत्ति जताई थी

प्रतिमा राणा ने कोर्ट में आवेदन देकर समझौता प्रस्ताव पर आपत्ति जताई थी। उनका आरोप है कि ज्योतिरादित्य सिंधिया, वसुंधरा राजे, यशोधरा राजे और ऊषा राजे ने धोखाधड़ी से हस्ताक्षर कराए। कोर्ट ने उनके आवेदन को स्वीकार करते हुए पक्ष रखने का अवसर दिया है।

इससे पहले 14 अक्टूबर को हुई सुनवाई में भी प्रतिमा के साक्ष्य दर्ज कराने के मुद्दे पर विचार किया गया था। प्रतिमा देवी द्वारा दर्ज कराई गई आपत्ति का जवाब उनकी तीनों मौसियों (राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे, मध्य प्रदेश की पूर्व मंत्री यशोधरा राजे और ऊषा राजे) ने न्यायालय में दिया है।

उनका कहना है कि सहमति से हस्ताक्षर हुए, हस्ताक्षर के बाद सभी वहां रुके, फिर फैमिली डिनर हुआ और आखिर में फोटो भी लिए गए।

मामले में 78 साल पुराना ऐतिहासिक विलय पत्र भी शामिल

इस मामले में 78 साल पुराना ऐतिहासिक विलय पत्र यानी ‘द कोवेनेंट’ भी शामिल है। दिल्ली के नोटरी से सर्टिफाइड इस दस्तावेज की सत्यापित प्रति कोर्ट में पेश की जा चुकी है। इसमें मध्य भारत की रियासतों के विलय, निजी संपत्तियों और पूर्व राजाओं को मिलने वाले टैक्स-फ्री ‘प्रिवीपर्स’ (वार्षिक भत्ते) का ब्योरा दर्ज है।

यह भी पढ़ें- सिंधिया राजपरिवार संपत्ति विवादः 41 हजार करोड़ की संपत्ति के बंटवारे के समझौते को चुनौती

एक क्लिक पर पढ़ें मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की लेटेस्ट खबरें। Hindi News पढ़ें। MP News, Chhattisgarh news, आज का राशिफल और आज का मौसम से जुड़ी ताजा जानकारी पढ़ें।