
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में कुत्तों के हमलों की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। मंगलवार को दो अलग-अलग मामलों में नौ वर्षीय बच्ची और 10 वर्षीय बालक कुत्तों के हमले का शिकार हो गए। दोनों बच्चों का इलाज हजार बिस्तर अस्पताल में कराया गया। इधर, अस्पताल के पीएसएम विभाग में एक ही दिन में डाग बाइट के 99 मरीज इलाज के लिए पहुंचे।
चीनौर निवासी रामसेवक की 9 वर्षीय बेटी तमन्ना मंगलवार सुबह स्कूल जा रही थी। इसी दौरान एक आवारा कुत्ते ने उस पर अचानक हमला कर दिया। कुत्ते ने बच्ची के कंधे की खाल बुरी तरह चबा ली, जबकि पीठ और सीने पर भी गंभीर घाव हो गए। बच्ची की चीख-पुकार सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और कड़ी मशक्कत के बाद उसे कुत्ते के जबड़े से छुड़ाया।
परिजन पहले उसे चीनौर स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे, जहां से प्राथमिक इलाज के बाद हजार बिस्तर अस्पताल के पीएसएम विभाग रेफर कर दिया। यहां बच्ची को एंटी-रेबीज वैक्सीन के साथ इम्युनोग्लोबुलिन लगाया गया।
दूसरी घटना भिंड जिले के गोहद चौराहा क्षेत्र की है। यहां महेंद्र सिंह के 10 वर्षीय बेटे राघव तोमर पर एक पालतू कुत्ते ने हमला कर दिया। हमले में बालक की जांघ और पैर पर गहरे घाव हो गए। परिजन उसे तत्काल हजार बिस्तर अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां उसे एंटी-रेबीज इंजेक्शन लगाए गए। महेंद्र सिंह ने बताया कि घटना के बाद कुत्ते के मालिक के खिलाफ संबंधित थाने में शिकायत दर्ज कराई है।
जयारोग्य चिकित्सालय समूह के हजार बिस्तर अस्पताल स्थित पीएसएम विभाग में मंगलवार को डाग बाइट के 99 मरीज उपचार के लिए पहुंचे। इनमें नए और फालोअप दोनों तरह के मरीज शामिल थे। चिकित्सकों का कहना है कि कुत्ते के काटने पर घाव को तुरंत बहते पानी और साबुन से अच्छी तरह धोना चाहिए तथा बिना देरी किए अस्पताल पहुंचकर एंटी-रेबीज उपचार शुरू कराना चाहिए।