नईदुनिया पड़ताल: गोला का मंदिर और आकाशवाणी तिराहे पर बने फुट ओवर ब्रिज पर पसरा सन्नाटा, लिफ्ट भी बंद
विक्रम सिंह तोमर.ग्वालियर। लगभग 4 साल पहले गोला के मंदिर और आकाशवाणी तिराहे पर फुट ओवर ब्रिज बनाए गए थे। इसे बनाने का कारण था शहर के इन मुख्य चौराहों पर लोड़ कम हो सके और यातायात थोडा आसान हो जाए । लोग पैदल सड़क पार करते समय सड़क दुर्घटना का शिकार हो जाते थे उस समस्या से भी निजात मिल सके । लेकिन वर्तमान में यह फुट ओवर ब्रिज रखरखाव के अभाव में खराब स्थिति में हैं। फुट ओवर ब्रिज की वास्तविक स्थिति को जानने के लिए नईदुनिया ने पड़ताल की । जिसमें सामने आया कि जनता को सुविधा देने के लिए बनाए गए यह फुट ओवर ब्रिज में सिर्फ सन्नाटा पसरा रहता है । आम तौर पर लोग इसे सड़क पार करने के लिए उपयोग नहीं करते हैं। यह दिन के समय में धूल खाते हैं और रात में शराबियों का अड्डा बन जाते हैं। वहीं इनकाे बनाते समय दिव्यांगों, वृद्धजानों व शारीरिक रूप से कमजोर लोगों के लिए लिफ्ट की व्यवस्था की गई थी वर्तमान में वह लिफ्ट भी धराशाही स्थिति में पड़े हुए हैं । आप भी पढ़िए पडताल के दौरान मिली फुट ओवर ब्रिज की स्थिति...
1- समय: दोपहर 2:40 मिनिट
स्थान: गोला का मंदिर चौराहे पर बना फुट ओवर ब्रिज
लोगों की आवाजाही: शून्य (पुल के ठीक नीचे से लोग पैदल सड़क पार कर रहे थे)
लिफ्ट की स्थिति: पूर्णत: बंद(लिफ्ट को बीच में फंसा पाया)
साफ-सफाई: खाद्य सामग्री का कचरा, पानी के खाली पाउच
2-समय: दोपहर 3:30 मिनिट
स्थान: आकाशवाणी तिराहे पर बना फुट ओवर ब्रिज
लोगों की आवाजाही: शून्य (लोग पैदल सड़क पार कर रहे थे)
लिफ्ट की स्थिति: पूर्णत: बंद(लिफ्ट को बीच में फंसा पाया)
साफ-सफाई: बीयर की खाली कैन, नमकीन और पानी के खाली पैकेट, सिगरेट के टुकडे
अधिकारी कर रहे टालमटोली -
इस मामले में नगर निगम प्रशासन के अधिकारियों से सवाल किए गए तो अधिकारी यह तक तय नहीं कर पा रहे थे कि फुट ओवर ब्रिज किसकी जिम्मेदारी हैं। किसी अधिकारी ने कोई जवाब तो दिया नहीं बल्कि एक दूसरे पर बात टालते नजर आए ।