Greenfield six lane News: केंद्रीय कैबिनेट की मंजूरी में अटका ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस वे
सात माह में एक-एक कर आठवीं बार ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस वे के टेंडर खोलने की तारीख को नेशनल हाइवे अथारिटी आफ इंडिया (एनएचएआइ) ने बढ़ा दिया है। इसके साथ ही ...और पढ़ें
Publish Date: Mon, 08 Jul 2024 08:29:52 AM (IST)Updated Date: Mon, 08 Jul 2024 08:29:52 AM (IST)
ग्रीनफील्ड हाइवे का सांकेतिक फोटोHighLights
- मंजूरी मिलने पर सितंबर तक जारी होगा कार्यादेश
- मार्च-अप्रैल 2025 में शुरू हो सकेगा कार्य
- ग्रीन फील्ड हाइवे के लिए मंजूर हुआ है 3841 करोड़ रुपए का बजट
प्रियंक शर्मा.नईदुनिया ग्वालियर। सात माह में एक-एक कर आठवीं बार ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस वे के टेंडर खोलने की तारीख को नेशनल हाइवे अथारिटी आफ इंडिया (एनएचएआइ) ने बढ़ा दिया है। इसके साथ ही बरसात के मौसम में ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस वे निर्माण के साथ ही वर्तमान ग्वालियर-आगरा फोरलेन हाइवे की मरम्मत का काम भी आगे बढ़ता चला जा रहा है, क्योंकि दोनों प्रोजेक्ट को संयुक्त कर टेंडर जारी किया गया था।
ग्रीन फील्ड हाइवे के लिए मंजूर हुआ है 3841 करोड़ रुपए का बजट
इस प्रोजेक्ट के लिए केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की ओर 3841 करोड़ रुपय का बजट स्वीकृत हो चुका है। भू-अधिग्रहण की कागजी प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है, लेकिन प्रोजेक्ट को केंद्रीय कैबिनेट से मंजूरी नहीं मिली है। बिना कैबिनेट की मंजूरी के न तो टेंडर खोले जा सकते हैं और न ही भू-अधिग्रहण के लिए मुआवजा बांटा जा सकता है।
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने दी थी मंजूरी
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने सितंबर 2022 में ग्वालियर में एक कार्यक्रम के दौरान 88.400 किमी लंबे ग्वालियर-आगरा ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस वे के निर्माण की घोषणा की थी। इस घोषणा के साथ ही एनएचएआइ के अधिकारियों ने इस प्रोजेक्ट के लिए अलाइनमेंट देखने का काम पूरा कर लिया। बीच में रेलवे ट्रैक व चंबल नदी को देखते हुए रेलवे और पर्यावरण मंत्रालय की सारी एनओसी भी प्राप्त कर ली गई हैं।
सौ से अधिक गांवों में सरकारी तथा निजी जमीन की अधिसूचना जारी
- मुरैना, धौलपुर और आगरा जिले के 100 से अधिक गांवों में सरकारी तथा निजी भूमि के अधिग्रहण की अधिसूचना भी जारी कर दी गई है, लेकिन केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में यह प्रस्ताव नहीं जा सका था। इसी बीच लोकसभा चुनाव की आचार संहिता लग गई और गत जून माह में नई सरकार का गठन भी हो चुका है।
ऐसे में अब इस प्रोजेक्ट को अप्रूवल के लिए भेजा जाएगा। एनएचएआइ के अधिकारियों की मानें, तो जब तक अप्रूवल नहीं मिलेगा तब तक प्रोजेक्ट में कोई भी प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकेगी। मंजूरी मिलने के बाद भी मार्च-अप्रैल 2025 तक ही काम की शुरूआत हो सकेगी। 90 प्रतिशत भू-अधिग्रहण, तब जारी होगा कार्यादेश
- केंद्रीय कैबिनेट की मंजूरी मिलने के बाद भी इस प्रोजेक्ट की राह इतनी आसान नहीं होगी। मंजूरी मिलने के बाद चार जिलों ग्वालियर, मुरैना, धौलपुर व आगरा में जिला प्रशासन के सहयोग से भू-अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू होगी। हालांकि प्रोजेक्ट के लिए किसी भी पात्र कंपनी को तभी कार्यादेश जारी हो सकेगा
- जब तक 90 प्रतिशत भू-अधिग्रहण पूरा नहीं हो सकेगा। ऐसे में एनएचएआइ के अधिकारियों ने टाइमलाइन तय की है कि सितंबर माह तक भू-अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी कर ली जाए और कंपनी को कार्यादेश जारी हो सके।
अभी केंद्रीय कैबिनेट की मंजूरी नहीं मिलने के कारण ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस वे के टेंडर की तारीख बढ़ाई गई है। संभावना है कि कैबिनेट की अगली बैठक में प्रस्ताव रखा जाएगा। मंजूरी मिलने के बाद हम सितंबर माह तक 90 प्रतिशत भू-अधिग्रहण कर लेंगे, ताकि कार्यादेश जारी हो सके। संभावना है कि अगले साल मार्च-अप्रैल तक काम की शुरूआत हो जाएगी।
उमाकांत मीणा, प्रोजेक्ट डायरेक्टर एनएचएआइ ग्वालियर