
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। द्वारिका नगरी योजना में प्रदेश शासन से मिलने वाले अनुदान को देखते हुए नगर निगम के अधिकारियों ने करोड़ों रुपये की व्हाइट टापिंग सड़कों के एस्टीमेट तो तैयार कर दिए, लेकिन अब 155 करोड़ रुपये की स्वीकृति मिलने के बाद व्यवहारिक दिक्कतें शुरू हुई हैं। इसका कारण है कि एस्टीमेट में व्हाइट टापिंग सड़कों के अलावा किनारे पर यूटिलिटी डक्ट और ड्रेनेज का प्रविधान नहीं किया गया है।
इसमें व्यवहारिक समस्या यह है कि भविष्य में सीवर या पानी कनेक्शन अथवा लाइनों के लिए सड़कों को खोदने की जरूरत होगी, तो उनका गारंटी पीरियड समाप्त हो जाएगा। ऐसे में इंजीनियर इसी विषय पर मंथन कर रहे हैं कि सड़कों के एस्टीमेट व डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) को रिवाइज किया जाए।
ग्वालियर पूर्व विधानसभा क्षेत्र (14 सड़कें): एसपी आफिस-सिल्वर स्टेट तिराहा (5.84 करोड़), मानसिंह चौराहा (3.50 करोड़), टाइगर चौक-दाने बाबा चौराहा (5.32 करोड़), भिंड रोड-सेंट्रल अकेडमी (2.07 करोड़), भिंड रोड-कृष्णा काम्प्लेक्स (1.36 करोड़), दाने बाबा-मुक्तिधाम श्रीराम वाटिका (2.29 करोड़), सिंधिया स्टेच्यू-टाइगर चौक (5.51 करोड़), जड़ेरूआ एक्सटेंशन-सूखा की कोठी (1.71 करोड़), गंगा विहार तिराहा-दाने बाबा (1.09 करोड़), मंडी के पिछले गेट-आस्तिकदेव नगर चौराहा (3.98 करोड़), दंडोतिया मार्केट-बीपी सिटी (4.38 करोड़), बीपी सिटी-जड़ेरूआ बांध (3.40 करोड़) और ब्लू लोटस मेन गेट-पानी की टंकी (3.15 करोड़)।
ग्वालियर विधानसभा क्षेत्र (आठ सड़कें): हजीरा चौराहे से बिरला नगर पुल तक 1100 मीटर सड़क पर 11 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके अलावा हजीरा चौराहा-चार शहर का नाका (2.40 करोड़), पप्पू राय जिम-सरमन पुलिया (3.50 करोड़), तानसेन नगर एलआईसी पुलिया-रमटापुरा (4.82 करोड़), लधेड़ी सती बिहार-जलालपुर चौराहा (3.50 करोड़) और नहर वाले हनुमान-प्रभात राय मूर्तिकार (4.70 करोड़) की सड़कें बनाई जाएंगी।
ग्वालियर दक्षिण विधानसभा क्षेत्र (छह सड़कें): कंपू थाना-गुड़ा गुड़ी का नाका (2.51 करोड़), हेमू कालोनी चौक-खासगी चौराहा (1.46 करोड़), जनहित स्कूल-12 बीघा पुलिया (3.16 करोड़), माधौगंज थाना-हेमसिंह की परेड (1.75 करोड़), महाराज बाड़ा-सराफा बाजार-गश्त का ताजिया (1.89 करोड़) और लक्ष्मीगंज मुक्तिधाम मुख्य मार्ग (1.47 करोड़) शामिल हैं।
व्हाइट टापिंग की सड़कों के किनारे कुछ स्थानों पर डक्ट का प्रविधान नहीं है। अब हम इसकी डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट अलग से तैयार कराएंगे। जहां संभव होगा, वहां डक्ट तैयार करेंगे। सुरेश अहिरवार, अधीक्षण यंत्री जनकार्य नगर निगम
यह भी पढ़ें- सिंधिया राजघराने की 40 हजार करोड़ की संपत्ति का विवाद: कोर्ट में बहस पूरी, 14 अक्टूबर को आएगा फैसला