Gwalior Chambal Water Project: ग्वालियर में चंबल नदी से पानी लाने को परिषद की मंजूरी, अब टेंडर करेगी निगम
नगर निगम परिषद ने शहर के भविष्य को ध्यान में रखते हुए चंबल नदी से पानी लाने के प्रोजेक्ट को हरी झंडी दे दी है। यह परियोजना 380 करोड़ रुपए की लागत से क ...और पढ़ें
By anil tomarEdited By: anil tomar
Publish Date: Sun, 06 Nov 2022 12:49:17 PM (IST)Updated Date: Sun, 06 Nov 2022 12:49:17 PM (IST)

ग्वालियर.नईदुनिया प्रतिनिधि। नगर निगम परिषद ने शहर के भविष्य को ध्यान में रखते हुए चंबल नदी से पानी लाने के प्रोजेक्ट को हरी झंडी दे दी है। यह परियोजना 380 करोड़ रुपए की लागत से की जाएगी और इसमें लगभग 46 किलो मीटर लंबी पानी की पाइप लाइन बिछाई जाएगी। अमृत योजना के दूसरे चरण में ही इसका बजट भी स्वीकृत कराया जा रहा है। परिषद से मंजूरी मिलने के बाद अब नगर निगम इस परियोजना के टेंडर करने की तैयारी कर रही है।
शहर की वर्ष 2055 की पेयजल आपूर्ति के लिए चंबल नदी से पानी लाने की 380 करोड़ की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) को तकनीकी व प्रशासकीय स्वीकृति मिल गई है। इस डीपीआर के अनुसार मुरैना के देवरी से अंडरग्राउंड डक्ट बनाकर 47 किमी लंबी पाइपलाइन बिछाई जाएगी। डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट के अनुसार इस परियोजना की 70 प्रतिशत राशि यानी लगभग 270 करोड़ रुपए सिर्फ पाइप में ही खर्च होंगे। इन पाइपों को बिछाने के लिए अब नगर निगम को देवरी से लेकर मोतीझील तक अंडरग्राउंड डक्ट बनाने के लिए कहा गया है। दरअसल, पहले निगम ने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण से आगरा हाईवे की सर्विस लेन पर खुदाई करने की अनुमति मांगी थी, क्योंकि हाईवे के दोनों ओर निजी भूमि पर लोगों के मकान और दुकानें बनी हुई हैं। वहां अब जगह ही बाकी नहीं बची है। इस पर प्राधिकरण का कहना है कि हाईवे पर भारी वाहनों का आवागमन होता है और रात के समय ये वाहन सर्विस लेन की ओर खड़े हो जाते हैं। खुदाई के बाद जब पाइप बिछाए जाएंगे, तो कई बार वाहनों के भार से ये लेन दरक सकती है। ऐसे में प्राधिकरण ने कहा है कि पाइपों को बिछाने के बाद अंडरग्राउंड डक्ट तैयार की जाए और इसे ऊपर से भी पक्का किया जाए। इससे पाइपों को कोई नुकसान नहीं होगा। इसमें भी लगभग 30 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। बाकी खर्चा खुदाई, पंप लगाने, विद्युत सब स्टेशन बनाने, इंटक वेल तैयार करने में किया जाएगा।