
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। ढोली बुआ के पुल क्षेत्र में एलिवेटेड रोड के किनारे की सड़क अचानक ही शनिवार देर रात दरक गई। दरकने के कारण सड़क में चौड़ी दरारें आ गईं, साथ ही आसपास के मकानों को भी नुकसान पहुंचा।
घटना की जानकारी मिलते ही नगर निगम के क्षेत्रीय अधिकारी मौके पर पहुंचे। निगम के अधिकारियों के मुताबिक स्वर्ण रेखा में एलिवेटेड रोड की खोदाई के चलते ये घटना हुई है, जबकि पीडब्ल्यूडी के इंजीनियरों का कहना था कि मौके पर अभी कोई काम ही नहीं चल रहा है। देर रात तक अधिकारियों ने मौके पर मोर्चा संभाले रखा, लेकिन लोगों को किसी तरह की राहत नहीं मिल सकी।
जानकारी के मुताबिक वार्ड क्रमांक 39 के अंतर्गत ढोली बुआ के पुल पर दतिया वाले मोहल्ले में अचानक ही शनिवार की रात को सड़क दरकने लगी और उसमें काफी बड़ी दरारें नजर आने लगीं। चूंकि ये क्षेत्र घनी आबादी वाला है और स्वर्ण रेखा से कुछ ही फीट पर लोगों ने घर बना लिए हैं। ऐसे में सड़क दरकने से घरों में भी दरारें नजर आने लगीं। लोगों ने इसकी शिकायत नगर निगम के अधिकारियों से की। देर रात क्षेत्रीय अधिकारी संजीव झा मौके पर पहुंचे।
लोगों का आरोप था कि दो दिन पहले एलिवेटेड रोड के पिलर डालने के लिए स्वर्ण रेखा की दीवार के पास ग्राउंड बेस रैंप को तोड़ दिया गया था और इसके बाद क्षेत्र में सड़क की स्थिति प्रभावित हुई और शुक्रवार को सड़क फटने की शुरूआत हो गई थी, जो शनिवार की रात तक दरारें चौड़ी होने के पुन: बढ़ती दिखाई देने लगीं। देर शाम सड़क में लंबी दरारें आने के साथ ही चार मकान भी चटकने व दरारें आने का शिकार हो गए। इस मामले में पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों का कहना है कि मौके पर कोई काम नहीं चल रहा था।
ढोली बुआ के पुल क्षेत्र में लीला शाक्य के आंगन, किचन व बाथरूम में दरारें आई हैं। इसके अलावा गणेश शाक्य के कमरे व किचन में, नारायण कन्नोजिया के आंगन व बाथरूम में तथा शालिनी ढेरे के घर की बाउंड्रीवाल में दरारें आने की शिकायत निगम के अधिकारियों से की गई हैं।
यह भी पढ़ें- ग्वालियर नगर निगम के 200 करोड़ ग्रीन बॉन्ड पर संकट, सालाना आय 185 करोड़; निवेशकों का पैसा लौटाना चुनौती
ढोली बुआ का पुल पर सड़क व मकानों में दरार आने की शिकायत मिली थी। मौके पर लोगों ने बताया कि एलिवेटेड रोड की खोदाई के कारण सड़क धंसकने की स्थिति बनी है। संजीव झा, क्षेत्रीय अधिकारी नगर निगम
जिस क्षेत्र में खोदाई के कारण सड़क व मकान क्षतिग्रस्त होना बताया जा रहा है, वहां हाल-फिलहाल कोई काम ही नहीं चल रहा था। फिर भी मैं मौके की स्थिति देखने के लिए पहुंच रहा हूं। जोगिंदर यादव, कार्यपालन यंत्री पीडब्ल्यूडी सेतु संभाग
यह भी पढ़ें- MP फर्जी पासपोर्ट कांड की STF जांच में बांग्लादेश के मठों से संदिग्ध कनेक्शन, 10 से ज्यादा खातों पर नजर