
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। शहर के अलग-अलग इलाकों में रहने वाले पांच लोगों के साथ साइबर ठगी हो गई। पुलिस ने साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत आने के बाद पहले ई-जीरो एफआईआर दर्ज हुई। पुलिस ने मूल एफआईआर दर्ज कर ली है। बहोड़ापुर स्थित देवेश शर्मा के मोबाइल पर अंजान नंबर से कॉल आया। कॉल करने वाले ने टेलीग्राम पर ड्रीम बिल्ड्स ग्रुप से जोड़ा।
इसके बाद न्यूज डेट ऐप डाउनलोड करवाया। ऐप डाउनलोड कराने के बाद शेयर ट्रेडिंग का लालच दिया। 83 हजार 730 रुपए जमा कर दिए। ऑनलाइन मुनाफा दिख रहा था, लेकिन जब रुपए निकालने का प्रयास किया तो रुपए नहीं निकले। तब ठगी का पता लगा।
फ्रेंचाइजी के नाम पर हुई ठगी
थाटीपुर इलाके में रहने वाले अभिषेक यादव को स्निच कंपनी की फ्रेंचाइजी दिलाने के नाम पर ठगा गया। फर्जी वेबसाइट ठगों ने बनाई। इसके जरिये ही फंसाया। फिर 2.75 लाख रुपए जमा करा लिए। इसके बाद 12 लाख रुपए और मांगे। तब इन्हें ठगी का पता लगा।
थाटीपुर में ही रहने वाली सोनम डंडोतिया के मोबाइल पर अप्रैल 2025 में अंजान नंबर से कॉल आया। फिर इनका नंबर टेलीग्राम ऐप में एक ग्रुप में जोड़ा गया। रेटिंग टास्क देने के बहाने 1.13 लाख रुपए ठग लिए।
रिटायर्ड वनकर्मी के साथ हुई ठगी
बहोड़ापुर इलाके में रहने वाले रिटायर्ड वनकर्मी देवराज सिंह संबलिया के साथ 49 हजार रुपए की ठगी हो गई। पेंशन कार्ड बनाने का झांसा देकर ठगी हुई है। फेसबुक पर पोस्ट दिखी थी, जिस पर क्लिक किया। पेंशन कार्ड बनाने के लिए लिंक भेजी और 49 हजार रुपए ठग लिए।
बहोड़ापुर स्थित आनंद नगर के रहने वाले राजवीर सिंह धाकड़ का मोबाइल घर पर ही रखा था। अचानक तीन बार में 1.98 लाख रुपए निकल गए। जब रुपए निकलने के मैसेज आए, तब पता लगा।
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