
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ के आदेश के बाद सड़कों की सैंपलिंग और स्थिति की पड़ताल के क्रम में गठित कमीशन ने रविवार को लश्कर की सड़कों का भ्रमण कर फोटोग्राफी कराई। कमीशन के चेयरमैन गौरव समाधिया की मौजूदगी में नगर निगम, पुलिस, एनएचएआई जैसी एजेंसियों के साथ लगभग नौ किमी दूरी में 11 सड़कों की फोटो लिए गए।
इन फोटो सहित रिपोर्ट को तैयार करके हाईकोर्ट के समक्ष कमीशन पेश करेगा जिसके बाद सड़क की स्थिति के आधार पर सैंपलिंग की कार्यवाही तय की जाएगी। कमीशन व सभी लोगों ने पैदल ही सड़कों की स्थिति देखी। अधिवक्ताओं, पुलिस और अधिकारियों को देखकर कई जगहों पर लोग व कारोबारी सकते में आ गए थे कि यह क्या कार्यवाही हो रही है।
हाईकोर्ट ने अपनाया कड़ा रुख
बता दें कि, ग्वालियर शहर की छलनी और धंसी हुई सड़कों को लेकर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर बेंच ने कड़ा रुख अपनाया है। सड़कों के निर्माण की गुणवत्ता की जमीनी हकीकत जानने के लिए कोर्ट के आदेश के बाद ऑन-स्पॉट सैंपलिंग की प्रक्रिया शुरू हो गई है। हाईकोर्ट द्वारा गठित वकीलों के विशेष कमीशन और तकनीकी विशेषज्ञों की टीम ने बुधवार को गुढ़ी-गुढ़ा का नाका क्षेत्र पहुंचकर सड़कों का निरीक्षण किया।
टीम ने मौके पर ही सड़क खोदकर सैंपल एकत्र किए। कोर्ट का मानना है कि सड़कों की वास्तविक गुणवत्ता जांचने और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों व ठेकेदारों की जिम्मेदारी तय करने के लिए सैंपलिंग सबसे सटीक तरीका है। गुरुवार को इनमें से छह सैंपल जांच के लिए लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) और प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना की लैब में भेजे गए हैं। दो अन्य सैंपल फील्ड टेस्ट के बाद लैब में जांच के लिए तैयार किए गए हैं।
सैंपलों की जांच निर्धारित मानकों के अनुसार की जाएगी। रिपोर्ट आने में कितना समय लगेगा, यह अभी स्पष्ट नहीं है। जांच पूरी होने के बाद रिपोर्ट कोर्ट द्वारा गठित आयोग के माध्यम से न्यायालय के समक्ष पेश की जाएगी। इस मामले में अगली सुनवाई 25 अगस्त को निर्धारित है।
आधा घंटा पहले ही दी सूचना, फिर शुरू हुई फोटोग्राफी
हाईकोर्ट के निर्देश पर सड़कों की स्थिति देखने से लेकर फोटोग्राफी की जानकारी को आधा घंटा पहले ही कमीशन द्वारा बताया गया। इसके बाद तत्काल अधिकारीगण एकत्र हुए और निकले। इस कमेटी की अध्यक्षता अधिवक्ता गौरव समाधिया कर रहे हैं, इनके अलावा कमेटी में पवन रघुवंशी और हिमांशु शर्मा भी शामिल हैं।
रविवार को आयोग के साथ अतिरिक्त महाधिवक्ता राजेश शुक्ला, पिटीशनर अवधेश तोमर, एनएचएआई से आशीष सारस्वत शामिल रहे। इन सड़कों की हुई फोटोग्राफी-महाराज बाड़ा-जनकगंज-नई सड़क-एबी रोड-लक्ष्मीगंज मंडी-ढ़ोली बुआ का पुल-चावड़ी बाजार-सराफा बाजार-फालका बाजार-रामंदिर रोड तक-दौलतगंज मार्ग गुढ़ा गुड़ी के सैंपल के बाद इनकी फोटोग्राफी हुई।
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अन्य सड़कों की देखी जाए स्थिति- हाईकोर्ट
अब रविवार को कमीशन ने लश्कर क्षेत्र की सड़कों की फोटोग्राफी इसलिए कराई क्योंकि हाईकोर्ट ने याचिका की सुनवाई के दौरान यह भी निर्देश दिए हैं कि शहर की अन्य सड़कों की स्थिति को भी देखा जाए। इनकी स्थिति को फोटोग्राफी के जरिए हाईकोर्ट को दिखाया जाएगा। सैंपलिंग में सामने आया था-एक सड़क कई तकनीकें क्यों पूर्व में हुई सैंपलिंग की कार्रवाई में सड़क की ऊपरी परत हटाने पर चौंकाने वाली स्थिति सामने आई थी।
बेटी बचाओ तिराहे से गुढ़ा की ओर जाने वाली सड़क में एक के नीचे एक डामर की तीन परतें मिलीं। वहीं इसी मार्ग के बगल वाले हिस्से में डामर हटाने पर नीचे सीमेंट-कांक्रीट (सीसी) की सड़क मिली। इससे सवाल उठा कि एक ही मार्ग के अलग-अलग हिस्सों का निर्माण अलग तकनीक से क्यों किया गया। अब स्वीकृत डिजाइन और तकनीकी दस्तावेजों का मौके पर मिली संरचना से मिलान किया जाएगा। जांच के दौरान जेसीबी से सड़क की परतें खोली गईं और नीचे की मिट्टी के नमूने भी सुरक्षित किए गए।
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