ग्वालियर में सरकारी राशन की बर्बादी, 11.70 लाख का 435 क्विंटल गेहूं सालभर से सड़ रहा
ग्वालियर में कालाबाजारी के शक में जब्त 435.71 क्विंटल सरकारी गेहूं एक साल से गोदाम में पड़ा खराब हो रहा है। राशन चावल की हेराफेरी भी सामने आई।
Publish Date: Fri, 02 Oct 2026 09:46:58 AM (IST)Updated Date: Fri, 02 Oct 2026 09:53:38 AM (IST)
ग्वालियर में सरकारी राशन की बर्बादी। (एआई जनरेटेड)HighLights
- जब्त 435.71 क्विंटल सरकारी गेहूं गोदाम में खराब हो रहा।
- गेहूं की कीमत करीब 11.70 लाख रुपये बताई गई।
- जब्ती का मामला फिलहाल कलेक्टर कोर्ट में विचाराधीन है।
डिजिटल डेस्क। ग्वालियर में सरकारी राशन की किस तरह बर्बादी और बंदरबांट हो रही है, इसका जीता-जागता उदाहरण सामने आया है। एक साल पहले कालाबाजारी के शक में जब्त किया गया 435 क्विंटल से ज्यादा सरकारी गेहूं अब गोदाम में रखे-रखे सड़ने लगा है।
हालात को देखते हुए खाद्य आपूर्ति विभाग ने अब सीधे कलेक्टर कोर्ट को पत्र लिखकर इस बर्बादी की जानकारी दी है। बड़ा सवाल यह है कि अगर यह पूरा अनाज खराब हो गया, तो इसकी जिम्मेदारी आखिर कौन लेगा? आप में छपी खबर में भी इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी देख सकते हैं।
पुरानी छावनी गोदाम में सड़ रहा लाखों का अनाज
- करीब एक साल पहले ट्रांसपोर्ट नगर की पार्किंग नंबर छह में खाद्य विभाग के दल ने छापा मारकर सरकारी बोरियों में भरा 860 बैग (435.71 क्विंटल) गेहूं पकड़ा था। इस जब्त गेहूं की कुल कीमत करीब 11 लाख 70 हजार 238 रुपये बताई गई थी।
- दस्तावेजों की जांच में पता चला था कि 26 जून 2023 को यह अनाज रायसेन जिले से ग्वालियर के नागरिक आपूर्ति निगम के गोदाम (पीडीएस आपूर्ति के लिए) के लिए चला था।
- लेकिन इसे सरकारी गोदाम में जमा करने की बजाय ट्रांसपोर्ट नगर के एक खुले परिसर में खाली करा लिया गया था। जब्ती के बाद से ही यह गेहूं एक साल से ज्यादा समय से पुरानी छावनी के सरकारी गोदाम में रखा है और अब खराब होने की कगार पर है।
रायसेन प्रशासन बेपरवाह, कलेक्टर कोर्ट में अटका मामला
हैरानी की बात यह है कि इतनी बड़ी मात्रा में सरकारी राशन पकड़े जाने के बावजूद रायसेन जिले और नागरिक आपूर्ति निगम के अधिकारियों ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। संबंधित जिले के अधिकारियों ने भी इस अनाज की कोई सुध लेना जरूरी नहीं समझा। फिलहाल यह जब्ती का मामला कलेक्टर कोर्ट में विचाराधीन है। अब गेहूं के सड़ने की स्थिति को देखते हुए खाद्य विभाग ने मजबूरन कोर्ट को पत्र लिखकर वस्तुस्थिति से अवगत कराया है।
राशन के चावल की हेराफेरी में भी बड़ा खुलासा
- गेहूं ही नहीं, गरीबों के हक के चावल की भी धड़ल्ले से कालाबाजारी हो रही है। हाल ही में 30 सितंबर की रात करीब 10 बजे मुरार कैंटोनमेंट इलाके में वीरेंद्र शर्मा की राशन दुकान से 15 क्विंटल (30 बैग) चावल एक लोडिंग वाहन (एमपी 07 एल 3514) से पकड़ा गया था। ड्राइवर आशु जाटव ने पूछताछ में बताया था कि वह यह चावल यादव मार्केट की किसी दुकान पर ले जा रहा था।
- गुरुवार को जब खाद्य आपूर्ति विभाग की टीम ने इसी आधार पर यादव मार्केट की तीन राशन दुकानों पर छापा मारा, तो वहां जांच में कुछ नहीं मिला। इससे साफ हो गया कि ड्राइवर की बात झूठी थी और वह यह नहीं बता रहा है कि असल में माल कहां जा रहा था। वहीं, जब वीरेंद्र शर्मा के कंट्रोल रूम की जांच की गई, तो वहां 21 बोरे चावल कम पाया गया, जो सीधे तौर पर इस बात की पुष्टि करता है कि सरकारी राशन की कालाबाजारी की जा रही थी।
- मामले में वीरेंद्र शर्मा अब तक अधिकारियों के सामने नहीं आया है और विभाग की जांच जारी है। वाहन को मुरार थाने की अभिरक्षा में सौंपा गया है और जब्त चावल श्रीराम प्राथमिक उपभोक्ता भंडार के सुपुर्द किया गया है।