
नईदुनिया प्रतिनिधि,ग्वालियर। जीवाजी विश्वविद्यालय एक बार फिर परीक्षा परिणाम को लेकर विवादों में आ गया है। बीए प्रथम वर्ष का परिणाम जारी होने के बाद बड़ी संख्या में विद्यार्थियों को सप्लीमेंट्री मिलने से सोमवार को छात्र-छात्राओं ने विश्वविद्यालय पहुंचकर प्रदर्शन किया। छात्रों का आरोप है कि खासतौर पर इंग्लिश लैंग्वेज फाउंडेशन पेपर में असामान्य रूप से बड़ी संख्या में सप्लीमेंट्री आई है।
विद्यार्थियों ने परिणाम और मूल्यांकन प्रक्रिया की जांच के साथ उत्तर पुस्तिकाओं का पुनर्मूल्यांकन कराने की मांग की है। विश्वविद्यालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार बीए प्रथम वर्ष की परीक्षा में कुल 13,823 विद्यार्थी शामिल हुए थे। इनमें से 6,335 परीक्षार्थी उत्तीर्ण हुए, जबकि 6,935 विद्यार्थियों को सप्लीमेंट्री मिली है। वहीं 550 विद्यार्थी अनुत्तीर्ण घोषित किए गए हैं।
50 फीसदी से ज्यादा छात्रों को सप्लीमेंट्री
यानी परीक्षा में शामिल आधे से अधिक विद्यार्थियों को किसी न किसी विषय में सप्लीमेंट्री का सामना करना पड़ा है। यही आंकड़े अब विद्यार्थियों के विरोध का प्रमुख कारण बन गए हैं। छात्रों का कहना है कि इतनी बड़ी संख्या में एक साथ सप्लीमेंट्री आना सामान्य स्थिति नहीं है। उनका आरोप है कि कई महाविद्यालयों के विद्यार्थियों को एक ही विषय में बहुत कम अंक मिले हैं। सबसे अधिक शिकायतें इंग्लिश लैंग्वेज फाउंडेशन पेपर को लेकर सामने आई हैं।
पूरे मामले की जांच की मांग
इसके अलावा सोशियोलॉजी और पॉलिटिकल साइंस के विद्यार्थियों ने भी परिणाम पर सवाल उठाए हैं। कई विद्यार्थियों का आरोप है कि उन्होंने परीक्षा में विस्तार से उत्तर लिखे थे, इसके बावजूद उन्हें बेहद कम अंक मिले हैं। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में विद्यार्थियों की सप्लीमेंट्री को केवल संयोग मानकर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता और विश्वविद्यालय को पूरे मामले की गंभीरता से जांच करनी चाहिए।
सिर्फ सात विद्यार्थी पास
माधव महाविद्यालय के छात्रों ने दावा किया कि बीए प्रथम वर्ष के फाउंडेशन पेपर में 187 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी थी, जिनमें से 180 को सप्लीमेंट्री मिली है। केवल सात विद्यार्थी ही उत्तीर्ण हुए हैं। छात्रों के अनुसार उन्होंने 28 से 30 पेज तक उत्तर लिखे थे और परीक्षा भी अच्छी हुई थी, लेकिन कई को दो या तीन अंक तक मिले हैं। इससे मूल्यांकन में गड़बड़ी की आशंका जताई जा रही है।
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आवेदन सौंपा अब समीक्षा होगी
विभिन्न संबद्ध महाविद्यालयों के विद्यार्थी जीवाजी विश्वविद्यालय पहुंचे और नारेबाजी करते हुए विरोध दर्ज कराया। विद्यार्थियों ने परीक्षा नियंत्रक को आवेदन सौंपकर इंग्लिश फाउंडेशन सहित उन सभी विषयों की उत्तर पुस्तिकाओं की जांच कराने की मांग की, जिनमें बड़ी संख्या में सप्लीमेंट्री आई है। परीक्षा नियंत्रक आशा कुमारी वर्मा ने कहा कि परिणाम हाल ही में घोषित हुआ है और सप्लीमेंट्री की अधिक संख्या को लेकर विद्यार्थियों की शिकायतें प्राप्त हो रही हैं।
विशेष रूप से इंग्लिश लैंग्वेज फाउंडेशन पेपर को लेकर ज्यादा आवेदन आए हैं। उन्होंने बताया कि सभी शिकायतों को लेकर विश्वविद्यालय स्तर पर परिणाम की समीक्षा कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि जांच के दौरान यदि किसी प्रकार की तकनीकी गड़बड़ी या मानवीय त्रुटि सामने आती है तो नियमानुसार उसमें सुधार किया जाएगा।
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