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ग्वालियर में मूर्ति विसर्जन की खुशियां मातम में बदलीं, तिघरा बांध के प्रतिबंधित घाट पर डूबने से 2 युवकों की मौत

ग्वालियर के तिघरा बांध के प्रतिबंधित घाटों पर प्रतिमा विसर्जन के दौरान डूबने से दो युवकों की दर्दनाक मौत हो गई। प्रशासन की मुख्य तैनाती सागरताल पर होन...और पढ़ें

By Digital DeskEdited By: Anurag Mishra
Publish Date: Wed, 21 Oct 2026 10:10:50 AM (IST)Updated Date: Wed, 21 Oct 2026 10:10:50 AM (IST)
ग्वालियर में मूर्ति विसर्जन की खुशियां मातम में बदलीं, तिघरा बांध के प्रतिबंधित घाट पर डूबने से 2 युवकों की मौत
ग्वालियर में मूर्ति विसर्जन की खुशियां मातम में बदलीं। (फाइल फोटो)

HighLights

  1. तिघरा बांध में प्रतिमा विसर्जन के दौरान दो युवक डूबे।
  2. प्रतिबंधित महिदपुर और सुजवाया घाटों पर हुआ यह दर्दनाक हादसा।
  3. मृतकों की पहचान पंकज जाटव और राहुल जाटव के रूप में।

नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर: माता की प्रतिमा विसर्जन करने की खुशी कुछ ही पलों में चीख-पुकार और अंतहीन आंसुओं में बदल गई। ग्वालियर के तिघरा बांध पर विसर्जन के लिए पहुंचे दो युवक अलग-अलग घाटों पर गहरे पानी का शिकार हो गए और अस्पताल पहुंचने से पहले ही जिंदगी की जंग हार गए। इस दर्दनाक हादसे ने दो परिवारों की दुनिया उजाड़ दी है।

तिघरा थाना पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह हृदयविदारक घटना विसर्जन के दौरान हुई। मृतकों की पहचान बिरथरी पुरा (गिरवाई) निवासी 25 वर्षीय पंकज जाटव पुत्र संतोष जाटव और संजय नगर निवासी 28 वर्षीय राहुल जाटव के रूप में हुई है।


अलग-अलग घाटों पर हुआ हादसा

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक दोनों युवक अपने साथियों के साथ माता की प्रतिमा विसर्जन करने पहुंचे थे। जहां एक ओर पंकज की मेहदपुर घाट पर डूबने से मौत हुई, वहीं दूसरी ओर राहुल सूजवाया घाट पर गहरे पानी में समा गया। विसर्जन के उत्साह के बीच किसी को भनक तक नहीं लगी कि पानी इतनी जल्दी दो हंसते-खेलते युवकों को लील जाएगा।

साथियों की कोशिशें नाकाम

  • जब साथियों ने दोनों युवकों को गहरे पानी में डूबते हुए देखा, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। आनन-फानन में दोनों को पानी से बाहर निकाला गया और बिना एक पल गवाएं तुरंत जयाआरोग्य अस्पताल (ग्वालियर) के लिए रवाना किया गया। लेकिन, काल शायद रास्ते में ही उनका पीछा कर रहा था। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया।

  • त्योहार के पावन दिन हुई इस अप्रत्याशित दुर्घटना से दोनों युवकों के घरों में कोहराम मचा हुआ है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस ने मर्ग कायम कर शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की आगे की जांच शुरू कर दी है।
  • जिला प्रशासन द्वारा मूर्ति विसर्जन के लिए सख्त निर्देश और सागरताल पर विशेष व्यवस्था होने के बावजूद, बेपरवाही एक बार फिर दो हंसते-खेलते युवकों की जिंदगी निगल गई। ग्वालियर के तिघरा बांध के प्रतिबंधित और खतरनाक इलाकों में पहुंचे दो युवक गहरे पानी में समा गए, जिससे उनकी दर्दनाक मौत हो गई।
  • प्रतिबंधित क्षेत्र और मौत के मुहाने बने घाट

    • तिघरा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सुजवाया और महिदपुर इलाके बांध के सबसे खतरनाक छोर माने जाते हैं। पुलिस और प्रशासन की ओर से स्पष्ट निर्देश हैं कि इन क्षेत्रों में पर्यटकों और आम लोगों का जाना पूरी तरह प्रतिबंधित है। इसके बावजूद दोनों युवक अपने साथियों के साथ अलग-अलग घाटों पर पहुंच गए।
    • सीएसपी ग्वालियर कृष्णपाल सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि इन दोनों ही क्षेत्रों में तिघरा बांध की गहराई 300 फीट से अधिक है। यहां पानी के भीतर खतरनाक चट्टानें, गहरे गड्ढे और झाड़ियों का जाल है, साथ ही यहाँ मगरमच्छों का भी खतरा रहता है। नियमों को ताक पर रखकर ये युवक बांध के पानी में उतरे और गहराई का अंदाजा न होने के कारण काल के गाल में समा गए।

    प्रशासन की मुस्तैदी सागरताल पर, तिघरा पर चूक

    • प्रशासन ने इस बार प्रतिमा विसर्जन के लिए सागरताल को निर्धारित किया था और सुरक्षा के लिहाज से पूरा पुलिस बल व प्रशासनिक अमला वहीं तैनात था। अधिकारियों को यह उम्मीद थी कि सागरताल तय होने के कारण तिघरा पर कोई नहीं आएगा, जिसके चलते तिघरा के इन दूरदराज और प्रतिबंधित घाटों पर पुलिस की कोई तैनाती या निगरानी नहीं थी।
    • इसी का फायदा उठाकर लोग वहां पहुंचते रहे और यह अनहोनी घट गई। प्रशासन की अपील और सख्त साइनेज (चेतावनी बोर्ड) लगे होने के बावजूद लोगों की यह लापरवाही दो परिवारों के लिए कभी न भरने वाला जख्म दे गई है।

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