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'ऑफिसर के गलत निर्देश ने लील लीं जिंदगियां', ग्वालियर के शीतला माता मंदिर हादसे पर सस्पेंड पुलिसकर्मियों का खुलासा

ग्वालियर मंदिर हादसे में निलंबित पुलिसकर्मियों ने खुलासा किया है कि अफसर के निर्देश पर ड्यूटी बदलने से यह हादसा हुआ। वहीं, आरोपी ट्रक चालक पर अब तक गै...और पढ़ें

By Varun SharmaEdited By: Anurag Mishra
Publish Date: Wed, 21 Oct 2026 08:48:24 AM (IST)Updated Date: Wed, 21 Oct 2026 08:56:59 AM (IST)
'ऑफिसर के गलत निर्देश ने लील लीं जिंदगियां', ग्वालियर के शीतला माता मंदिर हादसे पर सस्पेंड पुलिसकर्मियों का खुलासा
ग्वालियर शीतला माता मंदिर हादसे पर निलंबित पुलिसकर्मियों का बड़ा खुलासा। (नईदुनिया)

HighLights

  1. निलंबित पुलिसकर्मियों ने अफसर के गलत निर्देश पर उठाए सवाल।
  2. अफसर के कहने पर खाली छोड़ा गया था ड्यूटी पॉइंट।
  3. ड्यूटी पर मुस्तैद होते तो शायद रुक जाता अनियंत्रित ट्रक।

नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर: शीतला माता मंदिर हादसे में अब पुलिस विभाग के भीतर से ही बड़े राजफाश हो रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर सीएसपी समेत 9 पुलिसकर्मियों (चार निरीक्षक व चार अन्य प्रधान आरक्षक-आरक्षक) पर गाज तो गिर चुकी है, लेकिन अब निलंबित किए गए पुलिसकर्मी दबी जुबान में अपनी विभागीय व्यवस्था और वरिष्ठ अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठा रहे हैं।

इस पूरी घटना के पीछे अफसरों के गलत निर्देश और ड्यूटी प्वाइंट बदलने का खेल मुख्य वजह बनता नजर आ रहा है। निलंबित पुलिसकर्मियों ने बड़ा राजफाश किया है कि अफसर ने उन्हें रोका था और कहा- यहीं ड्यूटी करो, भीड़ ज्यादा है।


छह दिन से संभाला था मोर्चा, खाली प्वाइंट छूटते ही टल गया पहरा

  • निलंबित कर्मियों ने बताया कि इस इलाके में पिछले छह दिनों से लगातार उनकी ड्यूटी लगाई जा रही थी। इन छह दिनों के दौरान भारी वाहन इस रास्ते पर आए भी थे, जिन्हें सतर्कता बरतते हुए वापस लौटा दिया गया था। लेकिन जिस दिन वरिष्ठ अधिकारियों के कहने पर यह प्वाइंट खाली छोड़ा गया या बदला गया, उसी रात 1.30 बजे यह भीषण हादसा हो गया।
  • कार्रवाई के दायरे को लेकर भी महकमे में असंतोष सुलग रहा है। पुलिसकर्मियों का कहना है कि कार्रवाई उन पर की गई है, जबकि जिस जिम्मेदार पुलिस अफसर ने उन्हें ड्यूटी बदलने का निर्देश दिया था, उस पर अब तक कोई आंच नहीं आई है।

मुख्य आरोपी पर मेहरबानी? अब तक गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज नहीं

  • एक तरफ जहां नौ पुलिसकर्मियों को तुरंत निलंबित कर दिया गया है, वहीं मुख्य आरोपित ट्रक चालक दिलबाग सिंह पर अब तक "गैर इरादतन हत्या" (धारा 105 ) का गंभीर मामला दर्ज नहीं किया गया है। उसे अभी केवल थाने में बिठाकर पूछताछ की जा रही है। इस लचर कानूनी कार्रवाई पर विवेचक आशीष शर्मा का कहना है कि पुलिस इस मामले में कानूनविदों से सलाह ले रही है और केस के हर पहलू की बारीकी से जांच की जा रही है, जिसके बाद आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
  • निलंबित पुलिसकर्मियों ने बातचीत में राजफाश किया कि सप्तमी और अष्टमी की रात शीतला माता मंदिर पर भारी भीड़ उमड़ती है। रात 10 बजे के बाद जब वे अपनी तय ड्यूटी पर पहुंचे और गेट नंबर-एक की पार्किंग से मंदिर के मुख्य द्वार की ओर जा रहे थे (यानी वही रास्ता जहां नो इंट्री में ट्रक आया)। तभी वहां तैनात एक पुलिस अफसर ने उन्हें रोक दिया। अधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए थे कि "ऊपर जाने की कोई जरूरत नहीं है, अभी यहीं सबसे ज्यादा भीड़ है, इसलिए यहीं ड्यूटी दो।"

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टर्निंग प्वाइंट

हैरानी की बात यह है कि जिस अधिकारी ने पुलिसकर्मियों को ऊपर जाने से रोका और नीचे रुकने का आदेश दिया, वे खुद कुछ ही देर वहां से चले गए। पुलिसकर्मियों का दर्द है कि यदि उन्हें अफसर ने वहां से नहीं रोका होता, तो वे अपने मूल ड्यूटी पॉइंट पर मुस्तैद होते और शायद इस अनियंत्रित ट्रक को समय रहते रोक लिया जाता।

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