Gwalior News: घर के आंगन में पेड़ पर फंदा डालकर छात्रा ने लगाई फांसी
बिजौली थाना क्षेत्र के अंतर्गत मेहरमान सिंह का पुरा इलाके में रहने वाले हाकिम सिंह राणा की बेटी टविंकल राणा उम्र 18 वर्ष पढ़ाई कर रही थी। वह कक्षा-12व ...और पढ़ें
Publish Date: Sun, 30 Jun 2024 08:45:50 AM (IST)Updated Date: Sun, 30 Jun 2024 08:45:50 AM (IST)
HighLights
- छात्रा अपने घर के आंगन में ही पेड़ पर फांसी के फंदे से लटकी मिली
- आत्महत्या की वजह स्पष्ट नहीं है
- घटना बिजौली क्षेत्र की है
नप्र, ग्वालियर: बारहवीं की छात्रा ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। छात्रा अपने घर के आंगन में ही पेड़ पर फांसी के फंदे से लटकी मिली है। उसने दुपट्टे से फंदा बनाया और फांसी लगा ली। आत्महत्या की वजह स्पष्ट नहीं है। पुलिस ने मृतका के शव को पोस्टमार्टम हाउस भिजवाकर मर्ग कायम कर लिया है। यह घटना बिजौली क्षेत्र की है।
बिजौली थाना क्षेत्र के अंतर्गत मेहरमान सिंह का पुरा इलाके में रहने वाले हाकिम सिंह राणा की बेटी टविंकल राणा उम्र 18 वर्ष पढ़ाई कर रही थी। वह कक्षा-12वीं की छात्रा थी। छात्रा की मां रसोई में खाना बना रही थी। छात्रा कमरे में पढ़ रही थी। कब छात्रा कमरे से निकलकर किचन के सामने आंगन में पहुंची किसी को कुछ पता नहीं लगा। छात्रा ने आंगन में दुपट्टे से ही फंदा बनाकर पेड़ पर डाला। इसके बाद फांसी लगा ली।
कुछ देर बाद खाना खाने के लिए बुलाने छात्रा की मां कमरे में पहुंची तो वहां छात्रा नहीं मिली। फिर वह ढूंढते हुए आंगन में पहुंची तो छात्रा फांसी के फंदे पर लटकी मिली। यह देखकर महिला की चीख निकल पड़ी। पड़ोसी यहां दौड़कर पहुंचे और हाकिम को सूचना दी। पुलिस भी आ गई। मृतका के शव का पोस्टमार्टम कराकर स्वजन के सुपुर्द कर दिया है, लेकिन आत्महत्या की वजह स्पष्ट नहीं है।
हादसे में नुकसान की भरपाई करने से इंकार तो अगवा कर ले गए
सिरोल इलाके में कार और ट्रक की टक्कर हो गई। कार चालकों ने ट्रक चालक पर नुकसान की भरपाई के लिए दबाव बनाया, जब उसने इंकार किया तो उसे अगवा कर ले गए। आंतरी के पास से पुलिस ने चालक को मुक्त कराया। इसके बाद इन्हें सिरोल पुलिस के सुपुर्द कर दिया। सिरोल थाना प्रभारी आलोक सिंह भदौरिया ने बताया कि ट्रक एमपी09 जीजी 3077 को कार एमपी08 सीबी 8948 ओवरटेक कर रही थी। ओवरटेक करने के चक्कर में टक्कर हो गई।
इसके बाद कार चालक ट्रक चालक पर नुकसान की भरवाई के लिए दबाव बनाने लगे। ट्रक के स्टाफ ने जब इंकार किया तो उसे कार में अगवा कर ले गए। इनके साथी आए तो ट्रक को अपने साथ ले गए। पुलिस को सूचना मिली तो पुलिस ने पीछा किया और ट्रक चालक को मुक्त कराया।