
Gwalior News: ग्वालियर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। राष्ट्रीय युवा गुर्जर स्वाभिमान संघर्ष समिति की ओर से सोमवार को गुर्जर जागरण पदयात्रा के समापन के बाद आंदोलनकारियों ने भारी उपद्रव किया। गुर्जर महाकुंभ के रूप में फूलबाग में जुटे समाज के लोग सैकड़ों चारपहिया वाहन व ट्रैक्टर लेकर कलेक्ट्रेट पर ज्ञापन देने पहुंच गए और वहां प्रशासन व पुलिस के अधिकारियों-कर्मचारियों से टकराव शुरू कर दिया।
कलेक्ट्रेट के अंदर घुसकर तोड़फोड़
उन्होंन ग्वालियर कलेक्ट्रेट के अंदर घुसकर तोड़फोड़ की, पुलिस अधिकारियों ने रोका तो पथराव कर उनसे हाथापाई की। जब पुलिस कर्मियों ने उन्हें खदेड़ने के लिए अश्रु गैस के गोले छोड़े, हवाई फायर कर लाठी चलाई तो उपद्रवियों ने गाड़ियों में तोड़फोड़ शुरू कर दी।
शहर के अनेक इलाकों में तोड़फोड़
कलेक्ट्रेट से उन्हें बल प्रयोग कर खदेड़ा गया तो शहर के सिटी सेंटर, एजी पुल, झांसी रोड, सिरोल रोड, विक्की फैक्ट्री इलाके में गाड़ियों में तोड़फोड़ की। कलेक्टर, एसएसपी ,निगमायुक्त सहित अन्य अधिकारियों की गाड़ियों तक को नहीं छोड़ा। घटना में करीब 10 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं, वहीं दो सौ से ज्यादा गाड़ियों की तोड़फोड़ हुई है।
मिहिर भोज की प्रतिमा को लेकर विवाद
बता दें कि ग्वालियर में सम्राट मिहिर भोज की प्रतिमा को लेकर क्षत्रिय समाज से चल रहे विवाद और अलग-अलग मांगों के चलते यह आयोजन था, जिसमें ग्वालियर और चंबल अंचल सहित देश के अलग-अलग हिस्सों से गुर्जर समाज के लोग शामिल हुए थे।
पुलिस के सामने ही हंगामा
फूलबाग मैदान पर जब कार्यक्रम शुरू हुआ, तभी पुलिस के सामने ही हंगामा होने लगा। सड़क पर डिवाइडर पर लगी रेलिंग उखाड़ी गई, राहगीरों की गाड़ियां तोड़ी गई और उन्हें पीटा गया। इसके बाद गाड़ियों से समाज के लोग कलेक्ट्रेट रवाना हुए। वे कलेक्टर अक्षय कुमार सिंह को ज्ञापन देना चाहते थे। गेट पर पुलिस अधिकारी फोर्स के साथ तैनात थे।

अंदर जाने की जिद की
ज्ञापन देने पहुंचे सभी लोग अंदर जाने की जिद पर अड़ गए, जब पुलिस अधिकारियों ने इन्हें रोका तो उन्होंने पुलिस अधिकारियों के साथ बदसलूकी की और हाथापाई कर जबरन कलेक्ट्रेट के अंदर घुस गए। कलेक्ट्रेट के अंदर इन लोगों ने तोड़फोड़ शुरू कर दी। यहां खिड़की और दरवाजों के कांच तोड़े दिए। पुलिस ने लाठी चलाई तो उपद्रवी अपनी गाड़ियां छोड़कर भाग गए। यहां के बाद शाम को सिकरौदा हाइवे पर चक्काजाम कर कई स्कूल-कालेज के बसों में तोड़फोड़ की।

इंटेलिजेंस इनपुट था, भांप नहीं पाए अफसर
इंटेलिजेंस ने दोपहर में फूलबाग मैदान में ही उपद्रवियों के तेवर और उनकी इंटरनेट मीडिया पर चल रही पोस्ट देखकर अलर्ट कर दिया था, लेकिन अफसर भांप नहीं पाए। दो हजार लोगों की संख्या की सभा की परमिशन प्रशासन ने दी थी, लेकिन पुलिस ने सुरक्षा को लेकर बड़े इंतजाम दोपहर तक नहीं किए थे। दोपहर से शुरू हुए उपद्रव के बाद रात तक शहर में तनाव की स्थिति बनी हुई थी। बाजार बंद कर दिए गए थे, वहीं पुलिस ने आरोपितों की धरपकड़ भी शुरू कर दी थी।








