Gwalior Railway Station: रेलवे चौथी लाइन के लिए करेगा जमीन का अधिग्रहण, सर्वे पूरा
Gwalior Railway Station कोरोना संक्रमण और लाकडाउन के कारण रेलवे लाइन डालने के काम पर असर पड़ा है। ...और पढ़ें
By Hemant Kumar UpadhyayEdited By: Hemant Kumar Upadhyay
Publish Date: Fri, 23 Oct 2020 03:47:08 PM (IST)Updated Date: Sat, 24 Oct 2020 05:49:51 AM (IST)

Gwalior Railway Station ग्वालियर नईदुनिया प्रतिनिधि। ग्वालियर में अभी तीसरी लाइन का कार्य अभी चल रहा है, इस लाइन के साथ ही रेलवे ने चौथी लाइन को बनाने के लिए जमीन अधिग्रहण की दिशा में कार्य करना प्रारंभ कर दिया है। रेलवे ने धौलपुर से बबीना के बीच चौथी लाइन का सर्वे पूर्ण कर लिया है। इस सर्वे के बाद अब जमीन अधिग्रहण की आगे की कार्रवाई प्रारंभ की जाएगी।
झांसी से मथुरा के बीच अभी तीसरी लाइन डालने का कार्य चल रहा है। इस कार्य को मार्च 2021 तक पूर्ण होना था। लेकिन कोरोना महामारी के कारण यह कार्य अभी समय से पीछे चल रहा है। थर्ड लाइन पूरी होने से पहले ही रेलवे ने चौथी लाइन को डालने के कार्य की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी है।
रेलवे ने इसके लिए सर्वे कराया था। यह सर्वे पूर्ण होने के साथ ही इसकी विस्तृत रिपोर्ट रेलवे बोर्ड के पास भेजी जा चुकी है। वहीं रेलवे की थर्ड लाइन का कार्य विलंब से चल रहा है। एक ओर जहां कई स्थानों पर पटरी बिछाने का कार्य चल रहा है। वहीं दूसरी ओर जमीन के समतलीकरण सहित अन्य निर्माण कार्य किए जा रहे हैं।
273 किलोमीटर लंबा है कार्य
झांसी से मथुरा की दूरी 273 किलोमीटर है। यहां पर तीसरी लाइन के डालने का कार्य किया जा रहा है। इस कार्य को रेलवे ने दो भागों में बांटा है। झांसी से धौलपुर व धौलपुर से मथुरा रेल विकास निगम लिमिटेड ने झांसी से आंतरी के बीच नोएडा की केपीटीआई कंपनी को कार्य दिया है। जबकि आंतरी से धौलपुर के बीच जीआर इंफ्रा और धौलपुर से मथुरा के बीच एसटीएस कंपनी को कार्य सौंपा गया है।
पहले से जमीन अधिग्रहण से होगा फायदा
जमीन की कीमतें दिन प्रतिदिन बढती जा रही हैं, ऐसे मेें रेलवे अभी जमीन अधिग्रहण करती है तो उसे आज की कीमत के हिसाब से किसानों को मुआवजा देना होगा। जबकि अगर वह यहीं कार्य 5 साल बाद करेगी तो रेलवे को उस समय की कीमत के हिसाब से किसानों को मुआवजा देना होगा।
इनका कहना है
रेलवे द्वारा चौथी लाइन डालने का कार्य किया जाना है। इसके लिए रेलवे ने सर्वे कराया था जो कि पूर्ण हो चुका है। सर्वे की रिपोर्ट बोर्ड को भेजी जा चुकी है। अब इसके आगे की कार्रवाई की जाएगी।
मनोज सिंह पीआरओ झांसी मण्डल