
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर: मध्य प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी योजना के तहत शुरू किए गए सांदीपनि स्कूलों में छात्रों के आवागमन के लिए वाहन सेवा का संकट बना हुआ है। स्कूल शुरू हुए ढाई महीने से अधिक का समय बीत चुका है। ग्वालियर-चंबल अंचल सहित प्रदेश के कई जिलों में विद्यार्थियों को स्कूल लाने और ले जाने के लिए बस सेवा शुरू नहीं हो सकी है।
हाल ही में आयुक्त लोक शिक्षण ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को जिला स्तर पर ही वैकल्पिक व्यवस्था बनाने और स्थानीय बस ऑपरेटरों के साथ समन्वय स्थापित कर जल्द से जल्द बस संचालन शुरू करने के कड़े निर्देश दिए थे। इसके बावजूद स्थानीय स्तर पर जिला शिक्षा अधिकारी बस ऑपरेटरों को राजी करने में पूरी तरह नाकाम साबित हो रहे हैं।
यहां बता दें कि ग्वालियर शिक्षा संभाग में आठ जिले आते हैं। इनमें ग्वालियर में आठ, मुरैना में आठ, भिंड में सात, शिवपुरी में आठ, श्योपुर में तीन, दतिया में चार, गुना में छह व अशोक नगर में तीन सांदीपनि स्कूल हैं। इन सभी स्कूलों में छात्रों को लाने ले जाने के करीब 512 रूट हैं, जिन पर स्कूल बसों को चलाया जाना है।
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