
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर: शहर में अवैध कालोनियों पर नगर निगम की कार्रवाई होल्ड है। कुछ कालोनियों पर बैकहो लोडर मशीन से सड़कें उखाड़ने व बाउंड्री तोड़ने जैसी कार्रवाई हुई लेकिन यह अवैध कालोनियों पर पूर्ण कार्रवाई नहीं थी।
कानून में अवैध कॉलोनियों को विकसित करने के लिए भूखंड लेकर उनके जरिए कालोनी का विकास करने का प्रविधान है और कॉलोनियां में अवैध निर्माण तोड़े जाने के बाद कालोनाइजर पर एफआइआर कराने का नियम है इन नियमों को ही नगर निगम ने मनमानी पर नहीं माना और इसी कारण पूरा आंकड़ा वहीं के वहीं पड़ा हुआ है। हाल ही में राजस्व की ओर से ग्रामीण इलाको में अवैध कालोनी बसाने वालों के खिलाफ मामला दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं।
शहर के सभी एसडीएम के माध्यम से अवैध कॉलोनियों की जानकारी लेकर उनके सर्वे नंबरों को खसरे के कालम नंबर 12 में दर्ज किया गया जिसकारण लोग पहले अवैध कालोनी में फंसे और अब नामांतरण नहीं हो रहे हैं। निगम को अवैध कालोनियों की जानकारी के बाद न कार्रवाई पूरी हुई न कालोनी को विकसित किया गया जिससे लोगों को राहत मिल सके। कुल 932 अवैध कालोनियों में से 511 अवैध कालोनियों पर निगम ने कार्रवाई नहीं की है।
नगर निगम की सीमा में कुल 379 अवैध कालोनियों की जानकारी खसरे के कालम नंबर 12 में दर्ज कराए जाने की कार्रवाई सभी अनुविभागीय अधिकारी स्तर पर पूरी की जा चुकी है। नगर निगम ग्वालियर की ओर से यह जानकारी प्रशासन को भेजी गई थी। खसरे में इन अवैध कालोनियों के सर्वे नंबर दर्ज होने के बाद तहसीलदार स्तर पर नामांतरण नहीं हो रहे हैं इसके कारण अवैध कालोनियाे में भूखंड लेने वाले लोग बड़ी संख्या में परेशान भी हो रहे हैं।
नगरीय प्रशासन विभाग ने वर्ष 2016 में प्रदेशभर में 7,981 अवैध कॉलोनियों की पहचान की थी। इनमें से 3,155 कॉलोनियां सिर्फ 16 नगर निगम क्षेत्रों में चिन्हित हुई थीं। उस समय ग्वालियर नगर निगम अवैध कॉलोनियों के मामले में सबसे ऊपर था, जहां 696 अवैध बसाहटें दर्ज की गई थीं।
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