अब सिर्फ एक घंटे में पहुंचेंगे ग्वालियर से आगरा, 4613 करोड़ से बन रहे सिक्सलेन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे ने पकड़ी रफ्तार
ग्वालियर-आगरा सिक्सलेन एक्सप्रेस-वे का निर्माण तेज हो गया है। चंबल नदी पर बिना पिलर का 1600 मीटर लंबा हैंगिंग ब्रिज बनेगा। अब ग्वालियर से आगरा मात्र 1...और पढ़ें
Publish Date: Mon, 19 Oct 2026 08:31:47 AM (IST)Updated Date: Mon, 19 Oct 2026 08:31:47 AM (IST)
अब सिर्फ एक घंटे में पहुंचेंगे ग्वालियर से आगरा। (एआई जनरेटेड)HighLights
- ग्वालियर-आगरा सिक्सलेन एक्सप्रेस-वे का काम तेज।
- चंबल नदी पर बनेगा 1600 मीटर का हैंगिंग ब्रिज।
- जलीय जीवों की सुरक्षा, नदी में पिलर नहीं बनेंगे।
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। मुरैना व धौलपुर जिलों में किसानों का विरोध समाप्त होने के बाद अब 4613 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हो रहे 88.400 किमी लंबे ग्वालियर-आगरा सिक्सलेन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस वे का काम तेज कराया गया है। इस प्रोजेक्ट के सबसे बड़े आकर्षण चंबल नदी के हैंगिंग ब्रिज का काम भी मुरैना के बसैया गांव के पास शुरू कराया गया है।
पहले इस हैंगिंग ब्रिज की लंबाई 600 मीटर बताई गई थी, लेकिन चंबल नदी के किनारे इस पुल के पिलर के लिए की गई पाइल टेस्टिंग फेल हो गई थी। ऐसे में अब मुरैना के बसैया गांव में चंबल नदी पर पुल तैयार कराया जा रहा है। ब्रिज की लंबाई भी 1600 मीटर हो गई है।
नदी के भीतर पिलर नहीं, लगाए जाएंगे नाइस बैरियर
हालांकि नदी के ऊपर ये ब्रिज अब भी 600 मीटर का ही रहेगा, लेकिन अब नदी के दोनों छोर पर 500-500 मीटर के एलिवेटेड पहुंच मार्ग तैयार किए जाएंगे। नदी के ऊपर हैंगिंग ब्रिज में मुख्य हिस्से में बीच का स्लैब 300 मीटर तथा दोनों किनारों के स्लैब 150-150 मीटर के होंगे।
पुल पर नाइस बैरियर लगाए जाएंगे, जो वाहनों और इंजन से निकलने वाली आवाज को कम करेंगे। इससे चंबल अभयारण्य के आसपास शोर का प्रभाव घटाने में मदद मिलेगी। साथ ही नदी के भीतर पिलर नहीं बनाए जाएंगे, ताकि जलीय जीवों के प्राकृतिक आवास पर निर्माण का असर कम से कम पड़े।
तीन राज्यों को जोड़ेगा, 32 किमी कम होगी दूरी
- 88.400 किलोमीटर लंबा ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस वे ग्वालियर और आगरा के बीच सडक़ यात्रा की दूरी करीब 32 किलोमीटर कम करेगा। यह कारिडोर मध्य प्रदेश, राजस्थान और उत्तर प्रदेश को जोड़ेगा और तीनों ही राज्यों में निर्माण कार्य शुरू करा दिया गया है।
- परियोजना में आठ बड़े पुल, 32 छोटे पुल, एक रेल ओवरब्रिज, 192 छोटी पुलिया और छह फ्लाइओवर बनाए जाने हैं। मुरैना और राजस्थान के धौलपुर क्षेत्र में भी निर्माण कार्य जारी है। यह एक्सप्रेस वे यातायात को तेज करने के साथ चंबल क्षेत्र के सीमावर्ती गांवों की कनेक्टिविटी भी बेहतर करेगा।
एक घंटे में पहुंच सकेंगे आगरा
- इस सिक्सलेन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस वे को एक्सेस कंट्रोल बनाया जाएगा यानी पूरे रास्ते में इस हाइवे पर चढ़ने-उतरने के चुनिंदा स्थान रहेंगे। वर्तमान में ग्वालियर-आगरा फोरलेन हाइवे की स्थिति बदहाल है। इसके चलते ग्वालियर से आगरा पहुंचने में दो से ढाई घंटे का समय लगता है और ये हाइवे भी लगभग 125 किमी लंबा है।
- अब 32 किमी दूरी कम होने के अलावा एक्सेस कंट्रोल होने से सिर्फ एक घंटे में आगरा पहुंच सकेंगे। वहां भी इसकी कनेक्टिविटी यमुना एक्सप्रेस वे के साथ रहेगी। ऐसे में यहां से दिल्ली तक पहुंचने में लोगों को अधिकतम तीन घंटे का समय लगेगा।