सम्राट मिहिर भोज की मूर्ति पर लिखी जाति से जुड़े मामले की सुनवाई 30 नवंबर तक टली
सम्राट मिहिर भोज की मूर्ति पर लिखी जाति से जुड़े विवाद के मामले में मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ में गुरुवार को दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं...और पढ़ें
Publish Date: Fri, 23 Oct 2026 10:21:31 AM (IST)Updated Date: Fri, 23 Oct 2026 10:22:10 AM (IST)
HighLights
- प्रतिमा के नामपट्ट पर ‘गुर्जर’ शब्द लिखे जाने से विवाद
- याचिका दायर कर कानून-व्यवस्था बनाए रखने की मांग
- समिति की रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। सम्राट मिहिर भोज की मूर्ति पर लिखी जाति से जुड़े विवाद के मामले में मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ में गुरुवार को दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के अनुरोध पर सुनवाई अब 30 नवंबर को निर्धारित की है।
प्रतिमा के नामपट्ट पर ‘गुर्जर’ शब्द लिखे जाने से विवाद
न्यायालय ने स्पष्ट किया कि याचिका के निराकरण तक 24 सितंबर 2021 को जारी आदेश प्रभावी रहेगा। बता दें कि ग्वालियर के गिरवाई नाका चिरवाई रोड पर सम्राट मिहिर भोज की प्रतिमा के नामपट्ट पर ‘गुर्जर’ शब्द लिखे जाने से विवाद शुरू हुआ।
याचिका दायर कर कानून-व्यवस्था बनाए रखने की मांग
गुर्जर समाज सम्राट मिहिर भोज को अपने समाज का मानता है, जबकि क्षत्रिय समाज उन्हें क्षत्रिय बताता है। इसी को लेकर मामला हाई कोर्ट पहुंचा। सितंबर 2021 में राहुल साहू ने जनहित याचिका दायर कर कानून-व्यवस्था बनाए रखने की मांग की।
हाई कोर्ट ने जांच कर रिपोर्ट देने को कहा था
हाई कोर्ट ने जांच समिति गठित कर ऐतिहासिक साक्ष्यों के आधार पर दोनों पक्षों के दावों की पड़ताल करने और सार्वजनिक धन से स्थापित महापुरुषों की प्रतिमाओं के साथ जातिसूचक शब्द जोड़ने के औचित्य पर रिपोर्ट देने को कहा था। समिति की रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत की जा चुकी है।
पिछली सुनवाई में न्यायालय ने रिपोर्ट को रिकार्ड पर लेने के निर्देश दिए थे। रिपोर्ट का अवलोकन करने और उसे खोलने के बाद संबंधित पक्षों को अपना पक्ष रखने का अवसर देने के लिए सुनवाई आगे बढ़ाई गई थी।