
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। रेल यात्रियों की सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में झांसी मंडल ने एक और कदम बढ़ाया है। ग्वालियर से झांसी के बीच 97.1 किलोमीटर रेलखंड पर स्वदेशी मानक कवच प्रणाली की कमीशनिंग सोमवार को सफलतापूर्वक पूरी कर ली गई।
इस रेलखंड पर ट्रेन की स्थिति और पहचान से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराने के लिए 1596 आरएफआईडी टैग लगाए गए हैं। कवच के सक्रिय होने से मानवीय चूक की स्थिति में ट्रेन परिचालन को अधिक सुरक्षित बनाने में मदद मिलेगी।
परियोजना इकाई झांसी द्वारा पूरी की गई इस परियोजना को मंडल रेल प्रबंधक अनिरुद्ध कुमार के मार्गदर्शन में पूरा किया गया। मानक कवच स्वदेशी ऑटोमेटिक ट्रेन प्रोटेक्शन (एटीपी) प्रणाली है। यह लोको पायलट को आवश्यक सुरक्षा सहायता उपलब्ध कराती है और निर्धारित परिस्थितियों में ट्रेन की गति को नियंत्रित करने में सक्षम है।
कवच प्रणाली का उद्देश्य सामने से होने वाली टक्कर, पीछे से होने वाली टक्कर, रोल-अवे और स्टैंडस्टिल जैसी परिस्थितियों में ट्रेन को सुरक्षित करना है। इसके लिए रेलखंड पर लगाए गए आरएफआईडी टैग कवच प्रणाली को ट्रेन की लोकेशन और पहचान से संबंधित आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराते हैं। इससे ट्रेन परिचालन के दौरान सुरक्षा तंत्र को अतिरिक्त मजबूती मिलती है। झांसी मंडल में मानक कवच प्रणाली की यह दूसरी कमीशनिंग है। रेलवे के अनुसार इसके लागू होने से संबंधित रेलखंड पर ट्रेन परिचालन की सुरक्षा और विश्वसनीयता बढ़ेगी।
परियोजना को पूरा करने में सिग्नल एवं दूरसंचार विभाग, परियोजना इकाई झांसी तथा अन्य संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका रही। परियोजना के सफल क्रियान्वयन में अपर मंडल रेल प्रबंधक इंफ्रा प्रेम प्रकाश शर्मा, अपर मंडल रेल प्रबंधक परिचालन नंदीश शुक्ला, वरिष्ठ मंडल परिचालन प्रबंधक अतुल यादव, वरिष्ठ मंडल अभियंता (सीओ) आशुतोष चौरसिया, वरिष्ठ मंडल सिग्नल एवं दूरसंचार अभियंता (सीओ) रश्मि गौतम, डिप्टी चीफ सिग्नल एवं दूरसंचार अभियंता (प्रोजेक्ट) राज कुमार सहित मंडल की टीम का सक्रिय सहयोग रहा।
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