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ग्वालियर में बढ़ रहा डेंगू का प्रकोप, अगस्त महीने में 22 मरीज पॉजिटिव, स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही बढ़ा रही चिंता

अगस्त में डेंगू के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ी है। एक अगस्त से अब तक 22 मरीज डेंगू पॉजिटिव मिल चुके हैं। यानी महज 23 दिनों में 22 लोगों में डेंगू की...और पढ़ें

By Anoop BhargavEdited By: Nitin Kumar
Publish Date: Mon, 24 Aug 2026 10:38:07 AM (IST)Updated Date: Mon, 24 Aug 2026 10:45:48 AM (IST)
ग्वालियर में बढ़ रहा डेंगू का प्रकोप, अगस्त महीने में 22 मरीज पॉजिटिव,  स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही बढ़ा रही चिंता
शहर में बढ़ रहा डेंगू का प्रकोप

HighLights

  1. शहर में डरा रहा डेंगू का प्रकोप
  2. अगस्त में 22 मरीज पॉजिटिव
  3. स्वास्थ्य विभाग की तैयारी गायब

नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। ग्वालियर शहर में जिम्मेदार अफसरों की बेपरवाही और डेंगू का डंक दोनों बढ़ने लगे हैं। 23 दिन में 22 मरीज मिले हैं और यह आंकड़ा चिंताजनक है। स्वास्थ्य विभाग की मॉनिटरिंग-सर्वे और नगर निगम की ओर से फॉगिंग का काम दोनों ही मैदानी स्तर पर गायब दिख रहे हैं। इतना बड़ा अमला और अधिकारी इसके बाद भी ऐसे हैं।

शहर में वर्षा और जगह-जगह जलभराव के बीच ऐसा हो रहा है। अगस्त में डेंगू के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ी है। एक अगस्त से अब तक 22 मरीज डेंगू पॉजिटिव मिल चुके हैं। यानी महज 23 दिनों में 22 लोगों में डेंगू की पुष्टि हुई है। 20 अगस्त को ही चार नए मरीज सामने आए थे। इनमें प्रीतम बिहार कॉलोनी, माधवनगर और मुरार क्षेत्र के मरीज शामिल हैं। जनवरी से अब तक जिले में डेंगू के 64 मरीज मिल चुके हैं।


चिकनगुनिया के मिले पांच मरीज

हालांकि, पिछले साल की तुलना में इस बार स्थिति बेहतर है। पिछले वर्ष इसी अवधि तक डेंगू के 86 मरीज सामने आ चुके थे। इसके बावजूद अगस्त में संक्रमण की बढ़ती रफ्तार ने स्वास्थ्य विभाग और नगर निगम के सामने चुनौती बढ़ा दी है। डेंगू के साथ मच्छरजनित अन्य बीमारियों के मामले भी सामने आ रहे हैं। इस वर्ष अब तक चिकनगुनिया के पांच मरीज मिले हैं, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि तक 43 मरीज सामने आ चुके थे।

वहीं, मलेरिया के चार मरीज मिले हैं। पिछले वर्ष इनकी संख्या नौ थी। वर्षा के बाद बढ़ते जलभराव को देखते हुए मच्छरों की रोकथाम में लापरवाही भारी पड़ सकती है। एक दिन छोड़कर पानी की सप्लाई, घरों में जमा हो रहा पानी डेंगू के बढ़ते मामलों के बीच पानी की सप्लाई भी चिंता बढ़ा रही है।

स्वास्थ्य विभाग ने दी सावधानी बरतने की सलाह

इन दिनों कई इलाकों में एक दिन छोड़कर पानी की सप्लाई हो रही है। इसके कारण लोग मजबूरी में घरों में पानी स्टोर करके रख रहे हैं। यदि इन बर्तनों को ढंककर नहीं रखा जाता या समय-समय पर खाली नहीं किया जाता तो इनमें एडीज मच्छर का लार्वा पनप सकता है। यही वजह है कि स्वास्थ्य विशेषज्ञ लोगों को घरों में जमा पानी को लेकर विशेष सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं।

डेंगू फैलाने वाला एडीज मच्छर साफ और ठहरे हुए पानी में भी पनप सकता है। ऐसे में पानी की टंकियां, कूलर, गमले, पुराने बर्तन और अन्य कंटेनर लार्वा के लिए संभावित प्रजनन स्थल बन सकते हैं।

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निगम पर सवाल

वीआइपी कॉलोनियों में ही फागिंग शहर में डेंगू की रोकथाम के लिए नगर निगम की फॉगिंग व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं। कई क्षेत्रों के रहवासियों की शिकायत है कि फॉगिंग चुनिंदा और वीआइपी कॉलोनियों तक ही सीमित हैं। घनी आबादी वाले इलाकों और बस्तियों में फॉगिंग नहीं हो रही है। रहवासियों का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद न तो फॉगिंग टीम पहुंचती है और न ही नियमित रूप से एंटी-लार्वा स्प्रे कराया जा रहा है। इससे मच्छरों का प्रकोप बढ़ रहा है।

आंकड़े कम, लेकिन रफ्तार ने बढ़ाई चिंता

पिछले साल की तुलना में डेंगू, चिकनगुनिया और मलेरिया के मामले कम होना राहत की बात है, लेकिन अगस्त में डेंगू के मामलों की बढ़ती संख्या को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। 23 दिन में 22 मरीज मिलने से साफ है कि मच्छरजनित बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है। ऐसे में निगम को फॉगिंग और मलेरिया विभाग को एंटी-लार्वा अभियान को सभी वार्डों और घनी आबादी वाले इलाकों तक नियमित रूप से पहुंचाना होगा।

लगातार हो रहा सर्वे डेंगू, चिकनगुनिया या मलेरिया का कोई मरीज सामने आते ही संबंधित क्षेत्र में तत्काल लार्वा सर्वे के लिए टीम भेजी जा रही है। इसके अलावा मच्छरों के प्रजनन स्थलों की पहचान और लार्वा की जांच के लिए टीमें लगातार क्षेत्रों का सर्वे कर रही हैं। डॉक्टर विनोद कुमार दौनेरिया, जिला मलेरिया अधिकारी

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