
डिजिटल टीम, ग्वालियर। फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बांग्लादेशी नागरिकों के भारतीय पासपोर्ट बनवाने वाले अंतरराष्ट्रीय गिरोह के खिलाफ पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने कार्रवाई तेज कर दी है।
ग्वालियर के डबरा स्थित बौद्ध बिहार के पते पर 17 बांग्लादेशी नागरिकों के पासपोर्ट बनवाए जाने के मामले में एसटीएफ ने ग्वालियर के दो प्रमुख दलालों को चिह्नित किया है।
इन आरोपियों ने जाली दस्तावेज तैयार कराने के साथ-साथ पासपोर्ट सत्यापन की प्रक्रिया में मुख्य गवाह की भूमिका निभाई थी। पुलिस सूत्रों के अनुसार, चिह्नित किए गए दोनों आरोपियों के नाम और उनके नेटवर्क से जुड़ी अहम जानकारियां एसटीएफ के हाथ लग चुकी हैं।
गिरफ्तारी के लिए दबिश जारी
इनकी गिरफ्तारी के लिए एसटीएफ की विशेष टीमें ग्वालियर और आसपास के इलाकों में लगातार सम्भावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। बताया जा रहा है कि जांच एजेंसियां आरोपियों के काफी करीब पहुंच चुकी हैं और जल्द ही इनकी औपचारिक गिरफ्तारी की संभावना है।
जांच में राजफाश हुआ है कि आरोपियों ने बेहद शातिराना ढंग से डबरा स्थित बौद्ध बिहार के पते का दुरुपयोग कर स्थानीय पहचान पत्र और फर्जी प्रमाण पत्र तैयार करवाए थे।
यह भी पढ़ें- ग्वालियर के सरकारी अस्पताल में खून की दलाली, दो ब्लड यूनिट के 17 हजार रुपये वसूले, सिस्टम पर फिर खड़े हुए सवाल
स्थानीय दलाल करेंगे खुलासा
इन्हीं दस्तावेजों के सहारे 17 बांग्लादेशी नागरिकों के पासपोर्ट तैयार कराए गए, जो देश की आंतरिक सुरक्षा के लिहाज से एक गंभीर खतरा है। एसटीएफ अब इस बात की भी गहनता से पड़ताल कर रही है कि इन फर्जी पासपोर्टों का इस्तेमाल किन गतिविधियों के लिए किया गया और क्या इस गिरोह के तार अन्य राज्यों या शासकीय विभागों से भी जुड़े हैं।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस विभाग पासपोर्ट सत्यापन प्रक्रिया में शामिल रहे अन्य संदिग्धों की भूमिका की भी जांच कर रहा है।
स्थानीय दलालों की गिरफ्तारी के बाद इस नेटवर्क से जुड़े कई बड़े नामों और अन्य विदेशी नागरिकों के अवैध रूप से भारत में ठहरने का खुलासा होने की उम्मीद जताई जा रही है।
एसटीएफ अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाले किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।