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ग्वालियर में टीएमटी जांच के लिए भटक रहे मरीज, GRMC में नौ महीने से ठप पड़ी मशीन, हृदय रोगियों को निजी केंद्रों का सहारा

गजराराजा मेडिकल कॉलेज के जया आरोग्य अस्पताल (जेएएच) के कार्डियोलॉजी विभाग में पिछले करीब नौ माह से टीएमटी (ट्रेडमिल टेस्ट) जांच बंद पड़ी है।

By Digital DeskEdited By: Nitin Kumar
Publish Date: Sat, 03 Oct 2026 03:29:37 PM (IST)Updated Date: Sat, 03 Oct 2026 03:29:37 PM (IST)
ग्वालियर में टीएमटी जांच के लिए भटक रहे मरीज,  GRMC में नौ महीने से ठप पड़ी मशीन, हृदय रोगियों को निजी केंद्रों का सहारा
GRMC में नौ महीने से ठप पड़ी मशीन, नईदुनिया

HighLights

  1. शहर में जांच के लिए भटक रहे मरीज
  2. निजी सेंटरों में जांच करवा रहे ह्रदय रोगी
  3. 9 महीने से ठप पड़ी TMT जांच मशीन

नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। गजराराजा मेडिकल कॉलेज के जया आरोग्य अस्पताल (जेएएच) के कार्डियोलॉजी विभाग में पिछले करीब नौ माह से टीएमटी (ट्रेडमिल टेस्ट) जांच बंद पड़ी है। दिल की बीमारी की पहचान और जोखिम का आकलन करने वाली इस जांच के बंद होने से मरीजों को निजी डायग्नोस्टिक केंद्रों का रुख करना पड़ रहा है।

खास बात यह है कि वर्ष 2025 में विभाग में 224 मरीजों की टीएमटी जांच की गई थी, लेकिन अक्टूबर 2025 के बाद से यह जांच पूरी तरह ठप हो गई है। मशीन के कंडम होने के बाद से अब तक इसे खरीदा नहीं जा सका है।


कई महीनों से नहीं हुई जांच

खरीदी को लेकर जीआरएमसी प्रबंधन लापरवाह बना हुआ है। विभाग के आंकड़ों के अनुसार, जनवरी से सितंबर 2025 के बीच टीएमटी जांच नियमित रूप से हुई। अगस्त में सबसे अधिक 41 और सितंबर में 37 जांच की गईं। इसके बाद अक्टूबर, नवंबर और दिसंबर 2025 में एक भी टीएमटी नहीं हुई।

यही स्थिति पूरे वर्ष 2026 में बनी रही। जनवरी से सितंबर 2026 तक विभाग के रिकार्ड में टीएमटी जांच का आंकड़ा शून्य है। विशेषज्ञों के अनुसार, टीएमटी जांच हृदय की धमनियों में रुकावट, सीने में दर्द, सांस फूलने और कोरोनरी आर्टरी डिजीज की संभावना का पता लगाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

ऐसे में सरकारी अस्पताल में यह सुविधा बंद होने से आर्थिक रूप से कमजोर मरीज सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं।

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मरीज बढ़े, लेकिन जांच बंद

विभागीय आंकड़े बताते हैं कि वर्ष 2025 में कार्डियोलॉजी विभाग की ओपीडी में 20,021 मरीज पहुंचे थे। वहीं जनवरी से अगस्त 2026 के बीच ही 14,313 मरीज ओपीडी में उपचार के लिए आ चुके हैं। इसके बावजूद टीएमटी जांच शुरू नहीं हो सकी है।

2025 में कुल टीएमटी जांच: 224

अक्टूबर 2025 से टीएमटी जांच: बंद

जनवरी - सितंबर 2026 में टीएमटी जांच: शून्य

2025 में कुल ओपीडी: 20,021

जनवरी - अगस्त 2026 में ओपीडी: 14,313

2025 में ईको जांच: 13,671

जनवरी - अगस्त 2026 में ईको जांच: 11,675

टीएमटी मशीन की खरीदी को लेकर टेंडर जारी किया जा चुका है। अब नियमानुसार आगे की कार्रवाई करते हुए मशीन की खरीदी की जाएगी। डॉक्टर- मनीष चतुर्वेदी, प्रवक्ता, जेएएच

ईको जांच का बढ़ा दबाव

टीएमटी बंद होने के कारण ईको जांच पर दबाव बढ़ गया है। वर्ष 2025 में विभाग में 13,671 ईको जांच हुई थीं, जबकि वर्ष 2026 के पहले आठ महीनों में ही 11,675 ईको जांच हो चुकी हैं। मरीजों का कहना है कि टीएमटी सुविधा नहीं मिलने से उन्हें अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ रहा है।

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