
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। माध्यमिक शिक्षा मंडल की 10वीं व 12वीं की बोर्ड परीक्षा फरवरी माह में शुरू होगी। परीक्षा में दिव्यांग छात्रों को परेशानी नहीं होगी। शारीरिक रूप से नि:शक्त छात्रों को परीक्षा केंद्र लाने ले जाने के लिए वाहन, दृष्टिबाधित छात्रों को लेखक देने जैसी सुविधाएं दी जाएंगी। जिस दिव्यांग को जैसी जरूरत होगी, वैसी सुविधा परीक्षा में दी जाएगी। बोर्ड ने सभी प्राचार्यों को पत्र लिखकर स्कूलों के दिव्यांग छात्रों की श्रेणी अनुसार जानकारी मांगी है। यह जानकारी 15 जनवरी तक आनलाइन भेजनी होगी, इससे बोर्ड इन छात्रों की श्रेणी के हिसाब से मदद करेगा।
दृष्टिहीन: जिन्हें देखने में समस्या है।
मानसिक विकलांग: बौद्धिक रूप से दिव्यांग छात्र।
शारीरिक असमर्थता: ऐसे छात्र जिनके हाथ की हड्डी टूट जाने या हाथ की खराबी के कारण वे लिखने में पूरी तरह असमर्थ हैं।
सत्र 2021-22 से लागू नियमों के तहत कक्षा नौवीं से 12वीं तक के उन छात्रों को भी ये सुविधाएं मिलेंगी जो शारीरिक रूप से विभिन्न चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। इनमें सेरेब्रल पाल्सी, बौनापन, मस्कुलर डिस्ट्राफी, एसिड अटैक पीड़ित, श्रवण बाधित, वाक एवं भाषा दिव्यांगता के साथ-साथ ब्लड डिसआर्डर से ग्रसित छात्र शामिल हैं। साथ ही आटिज्म और पार्किंसंस जैसी न्यूरोलाजिकल स्थितियों वाले छात्रों को भी इसमें कवर किया गया है।
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दिव्यांग छात्रों के मूल्यांकन को सरल बनाने के लिए मंडल ने बड़ा निर्णय लिया है। सभी दिव्यांग छात्रों को प्रायोगिक परीक्षा में बहुविकल्पीय प्रश्नों के आधार पर अंक दिए जाएंगे। ये प्रश्न नियुक्त किए गए बाह्य मूल्यांकनकर्ता द्वारा तैयार किए जाएंगे, जिससे छात्र अपनी क्षमता के अनुसार बेहतर प्रदर्शन कर सकें।- दृष्टिबाधित छात्रों व जिनके हाथ में खराबी है, उन्हें लेखक मिलेगा। - जरूरत पड़ती है तो अतिरिक्त समय भी दिया जाएगा।