
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। बेंगलुरु की रिटायर्ड शिक्षिका को डिजिटल अरेस्ट कर 24 करोड़ रुपये की ठगी के तार ग्वालियर से जुड़ने के बाद पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है। यहां सराफा कारोबारी अजय मंगल के शोरूम गहना ज्वेलर्स से 50 ग्राम सोना म्यूल खाते के एजेंट ने खरीदा, इसके एवज में 7.41 लाख रुपये भुगतान किया। 7.41 लाख रुपये में से 5.10 लाख रुपये इसी साइबर ठगी के थे।
कोतवाली थाना पुलिस ने सराफा कारोबारी की शिकायत पर एफआईआर दर्ज की है। इस तरह का यह दूसरा मामला है, जब साइबर ठगी की रकम ग्वालियर में इस तरह से खपाई गई। पुलिस ने अभिषेक परिहार निवासी बहोड़ापुर पर एफआईआर दर्ज की है। इसी ने सोना खरीदा था और बैंक खाते से भुगतान किया था।
बेंगलुरु में 74 वर्षीय रिटायर्ड शिक्षिका लक्ष्मी राममूर्ति को शातिर ठगों ने सीबीआई और ईडी का अफसर बनकर डराया था। उन्हें 20 फरवरी से 24 अप्रैल तक डिजिटल अरेस्ट किया। उनसे 24 करोड़ रुपये ठगे थे। इस मामले में बेंगलुरु पुलिस ने एफआईआर दर्ज की थी। पैसा देश के तमाम राज्यों के म्यूल खातों में गया था।
सराफा बाजार में गहना ज्वेलर्स पर अभिषेक परिहार निवासी बहोड़ापुर सोना खरीदने पहुंचा था। वह एक अप्रैल को गया था। उसने 50 ग्राम सोने का सिक्का खरीदा। सोने का सिक्का खरीदने के बाद उसने एक लाख रुपये का भुगतान किया। फिर पांच अप्रैल को सिक्का लेने पहुंचा। इस दौरान उसने 6.41 लाख रुपये का भुगतान किया।
इसमें से 5.10 लाख रुपये ऑनलाइन भुगतान किया। जिस खाते से गहना ज्वेलर्स के खाते में भुगतान किया, वह म्यूल खाता था। इस खाते में शिक्षिका से ठगी गई राशि में से करीब 10 लाख रुपये आए थे। इसमें से 5.10 लाख रुपये का भुगतान यहाँ किया गया।
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उस समय कारोबारी को पता नहीं लगा। कारोबारी को तब पता लगा, जब 24 अप्रैल को उनका खाता फ्रीज कर दिया गया। कर्नाटक पुलिस का नोटिस भी उनके पास आया। फिर कोतवाली थाने में शिकायती आवेदन किया। अब कोतवाली पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है।