
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। अंचल के ऊपर बने कम दबाव के सिस्टम के आगे बढ़ जाने के कारण सोमवार को शहर में वर्षा पर ब्रेक लग गया। इसके चलते एक बार फिर दिन के पारे ने छलांग लगाई और तापमान पांच डिग्री सेल्सियस की बढ़त के साथ 33.3 डिग्री सेल्सियस से अधिक दर्ज किया गया। सोमवार को ग्वालियर प्रदेश में सबसे गर्म शहर रहा।
दूसरे स्थान पर खजुराहो रहा, जहां तापमान 33 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। तापमान में बढ़ोतरी के कारण लोगों को गर्मी व उमस का अहसास हुआ। मौसम विभाग के मुताबिक, वर्तमान में तेज वर्षा का कोई सिस्टम सक्रिय नहीं है। इसके चलते तेज हवाओं के साथ हल्की बूंदाबांदी की ही संभावना है।
शहर में खिली धूप
अंचल के ऊपर बने कम दबाव के क्षेत्र के कारण पिछले तीन दिनों से शहर के आसमान में बादल छाए हुए थे। रात के समय तेज वर्षा तो दिन में बूंदाबांदी का दौर चल रहा था, लेकिन सोमवार को सिस्टम का प्रभाव समाप्त होने के कारण सुबह से ही आसमान साफ रहा। सूर्योदय के साथ ही तेज धूप खिली रही।
इसके चलते सुबह साढ़े 11 बजे ही अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस को पार कर गया। स्थानीय मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक, रविवार के मुकाबले सोमवार को अधिकतम तापमान पांच डिग्री सेल्सियस की बढ़त के साथ 33.3 डिसे दर्ज किया गया, जो सामान्य है।
इसी प्रकार न्यूनतम तापमान 0.3 डिसे की मामूली गिरावट के साथ 24.7 डिसे दर्ज किया गया। यह सामान्य से 0.8 डिसे कम है। मौसम विभाग के अनुसार, वर्तमान में कम दबाव का क्षेत्र आगरा के ऊपर बना हुआ है। मानसून ट्रफ भी श्रीगंगानगर, नारनौल से कम दबाव के क्षेत्र के केंद्र से होते हुए डेहरी, पुरुलिया, दीघा होते हुए बंगाल की खाड़ी तक विस्तृत है।
एक ट्रफ लाइन दक्षिण गुजरात से लेकर मध्यप्रदेश के रास्ते कम दबाव के क्षेत्र से जुड़े चक्रवाती घेरे तक बनी हुई है। इसके अलावा कश्मीर में पश्चिमी विक्षोभ भी सक्रिय है। इन मौसम प्रणालियों का बहुत अधिक असर शहर पर नहीं है। इसके चलते अगले 24 घंटों के दौरान तेज हवाओं के साथ गरज-चमक होने की संभावना जताई गई है।
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738.75 फीट पर पहुंचा तिघरा
वर्षा थमने के बाद सोमवार को तिघरा बांध में पानी की आवक घटी है। सोमवार को बांध का जलस्तर 738.75 फीट पर पहुंचने के बाद स्थिर हो गया। बांध लगभग भर चुका है और पेहसारी से प्रतिदिन करीब 10 एमसीएफटी पानी तिघरा में पहुंच रहा है। पेहसारी से हो रही पानी की आवक को देखते हुए जलसंसाधन विभाग लगातार निगरानी बनाए हुए है।
हालांकि, अभी गेट खोलने की स्थिति नहीं बनी है। सोमवार को बांध के गेट खुलने की उम्मीद में शहर से कई लोग तिघरा पहुंचे थे, लेकिन उन्हें निराशा ही हाथ लगी। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, तिघरा अभी फुल टैंक लेवल तक नहीं पहुंचा है। बांध को 739.50 फीट भरने की स्थिति में ही गेट खोलने का निर्णय लिया जाएगा।