
ग्वालियर, नईदुनिया प्रतिनिधि। पिछला सप्ताह छात्रों के करियर की दृष्टि से महत्वपूर्ण रहा। देश के सबसे बड़ा मेडिकल एग्जाम नीट शहर के 20 सेंटर पर हुआ, जिसमें छात्र-छात्राओं का प्रदर्शन अच्छा रहा। वहीं एनडीए, सीडीएस और भारतीय वन सेवा परीक्षा का फाइनल रिजल्ट भी इसी हफ्ते आया, जिसमें युवाओं ने परचम लहराया।
इसी सप्ताह ऐतिहासिक चुनाव भी हुए, जो 62 फीसद वोटिंग के साथ थमे। इसके पूर्व वोटिंग प्रतिशत को बढ़ाने के लिए आयोजन भी खूब हुए, जिनका असर दिखा। अक्षय तृतीया पर लोगों ने जमकर खरीदारी की।
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी की ओर से देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट यूजी-2024 रविवार को शहर के 20 परीक्षा केंद्रों में आयोजित हुई, जिसमें 9701 स्टूडेंट्स ने परीक्षा दी। यह परीक्षा पेन पेपर मोड पर आधारित थी। इस एग्जाम के लिए शहर से 9986 छात्र-छात्राओं ने रजिस्ट्रेशन कराया था, जिनमें से 285 छात्र अनुपस्थित रहे।
(1).jpg)
परीक्षा केंद्रों पर कड़ी चेकिंग के बाद छात्र-छात्राओं को प्रवेश दिया गया, जो छात्र हाथ में कड़े, घड़ी, बाली पहनकर आए थे, उनसे उतरवाई गई। वहीं छात्राओं की चेकिंग भी हुई। छात्रों के अनुसार पेपर एनसीईआरटी बेस्ड रहा।
फिजिक्स, बायोलॉजी आसान रही, जबकि केमिस्ट्री कठिन रही। एक्सपर्ट के अनुसार इस बार केमिस्ट्री का पेपर ही रैंक निर्धारित करेगा। यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन की ओर से नेशनल डिफेंस एकेडमी और कंबाइंड डिफेंस सर्विसेस परीक्षा का परिणाम गुरुवार को घोषित किया गया।
इसमें शहर से कुछ छात्र-छात्राओं का सिलेक्शन हुआ। एनडीए में हर्ष, सूरज और श्रेया का चयन हुआ। यह एग्जाम 21 अप्रैल को शहर के 28 सेंटर में कंडक्ट कराया गया था। इसमें एनडीए के दो पेपर हुए थे, जबकि सीडीएस के तीन पेपर हुए थे।
एनडीए के 19 सेंटर में 5324 स्टूडेंट्स ने भाग लिया था, वहीं सीडीएस के नौ सेंटर में 3026 छात्रों ने परीक्षा दी थी। संघ लोक सेवा आयोग ने भारतीय वन सेवा परीक्षा का फाइनल रिजल्ट जारी किया। इसमें शहर के हेमंत प्रताप सिंह ने आल इंडिया 30वीं रैंक हासिल कर शहर का मान बढ़ाया। हेमंत को यह सफलता छह साल के लंबे प्रयास के बाद मिली। छह बार असफल होने के बाद भी हेमंत ने हार नहीं मानी। हर बार नए सिरे से तैयारी की और सफलता पाई।
वर्तमान में वह भोपाल में एसडीओ की पोस्ट पर हैं। यह सिलेक्शन उनका एमपीपीएससी के माध्यम से 2018 में हो गया था, लेकिन उनका सपना आइएफएस में सिलेक्शन पाना था।
शहर में लोकसभा चुनाव इस बार ऐतिहासिक हुए। इस बार रिकॉर्ड तोड़ 62 प्रतिशत वोटिंग हुई। अपने क्षेत्र के विकास की चिंता लोगों में इस कदर थी कि विभिन्न राज्यों में नौकरी व पढ़ाई कर रहे लोगों के साथ ही सात समंदर पार से भी लोग अपना मत डालने आए।
इस दिन उन युवाओं में भी उत्साह था, जिन्होंने पहली बार वोट डाला। उन्होंने उसी को वोट दिया जो अपने क्षेत्र का विकास कर सके व बेरोजगारी, महंगाई जैसे मुद्दे के लिए जनता के साथ खड़ा हो सके। मतदान के लिए लोगों को जागरूक करने और शहर में मतदान का प्रतिशत बढ़ाने के लिए किए गए नवाचार का असर शहर में जमकर दिखाई दिया। लोगों ने मतदान किया और उसके बाद उन्हें छूट और लकी ड्रा के रूप में कई लाभ मिले। मतदान केंद्रों पर हुए लकी ड्रा के अलावा चिडियाघर, बोट क्लब और फिश एक्वेरियम में टिकट पर 50 प्रतिशत का लाभ मिला।
अक्षय तृतीया एक ऐसा दिन जब बिना किसी मुहूर्त के देखे ही कोई शुभ कार्य किया जा सकता है। ऐसा माना जाता है कि इस दिन खरीदारी करना बहुत ही शुभ होता है और इसका फल कई गुना तक मिलता है। यही कारण रहा कि अक्षय तृतीया पर बाजार में जमकर खरीदारी हुई। सराफा बाजार, इलेक्ट्रॉनिक सेक्टर और ऑटोमोबाइल में सबसे ज्यादा ग्राहक नजर आए।