
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। अंचल में किसानों को उनकी फसलों का उचित और लाभकारी मूल्य दिलाने के उद्देश्य से राज्य सरकार द्वारा समर्थन मूल्य पर धान की सरकारी खरीदी की तैयारी तेज कर दी गई है। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग ने जिले में धान पंजीयन की प्रक्रिया शुरू कर दी है, जिसके लिए जिलेभर में 35 प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों को पंजीयन केंद्र बनाया गया है।
समर्थन मूल्य पर धान बेचने के इच्छुक किसानों के लिए 10 अक्टूबर तक पंजीयन कराना अनिवार्य किया गया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि केवल वही किसान सरकारी केंद्रों पर अपनी उपज बेच सकेंगे, जिनका पूर्व से पंजीयन होगा।
किसानों की सुविधा और केंद्रों पर अत्यधिक भीड़ से बचने के लिए प्रशासन ने ऑनलाइन पंजीयन की व्यापक व्यवस्था की है। किसान अपने नजदीकी एमपी ऑनलाइन कियोस्क, सीएससी सेंटर या ग्राम पंचायत स्तर पर संचालित कियोस्क पर जाकर भी आसानी से अपना पंजीयन करा सकते हैं। इसके अतिरिक्त, किसान स्वयं अपने स्मार्टफोन से खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की अधिकृत वेबसाइट पर जाकर भी पंजीयन की प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।
पंजीयन कराने के लिए किसानों को निम्नलिखित दस्तावेज और शर्तें पूरी करनी होंगी...
प्रशासनिक अधिकारियों ने सख्त निर्देश जारी किए हैं कि समर्थन मूल्य योजना का लाभ केवल पंजीकृत किसानों को ही मिलेगा। बिना पंजीयन वाले कृषकों की धान उपार्जन केंद्रों पर स्वीकार नहीं की जाएगी। इस व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य बिचौलियों व दलालों पर अंकुश लगाना और वास्तविक किसानों को उनकी मेहनत का सही दाम सीधे उनके बैंक खातों में दिलवाना है। पंजीयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद जल्द ही खरीदी केंद्रों और तिथियों का स्लॉट बुकिंग रोस्टर भी जारी किया जाएगा।
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धान की सरकारी समर्थन मूल्य पर खरीद के लिए किसानों के पंजीयन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। पंजीयन 10 अक्टूबर तक हो सकेंगे। पंजीयन के लिए विभाग ने जिले में 35 केंद्र बनाए हैं। इसके अलावा एमपी ऑनलाइन व अन्य सुविधा दी है, जिससे किसान आसानी से अपना पंजीयन करा सकते हैं। - अरविंद भदौरिया, जिला खाद्य एवं आपूर्ति अधिकारी