
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर: निवेश के नाम पर ठगी करने वाले एक बड़े साइबर ठग गैंग का खुलासा हुआ है। नवी मुंबई नगर निगम में वाटर आपरेटर के पद पर कार्यरत सुमित रमाकांत जायसवाल को ग्वालियर पुलिस ने शिकंजे में लिया है। आरोपित के बैंक खाते में इस ठगी के 3.77 लाख रुपये गए थे।
इसकी जांच में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं, जिससे पता चला है कि वह देश के कई राज्यों में सक्रिय साइबर फ्राड सिंडिकेट से जुड़ा हुआ है।
ग्वालियर निवासी हरविलास जाता के साथ निवेश (इन्वेस्टमेंट) पर भारी मुनाफे का झांसा देकर 5.10 लाख रुपए की ठगी की गई थी। पुलिस जांच में सामने आया कि इस ठगी की रकम में से 3,77,000 रुपये सीधे इसी आरोपी सुमित जायसवाल के बैंक खाते में ट्रांसफर हुए थे।
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पुलिस की जांच और बैंक स्टेटमेंट खंगालने पर यह बात सामने आई है कि आरोपित का खाता साधारण उपयोग के लिए नहीं, बल्कि ठगी के पैसे ठिकाने लगाने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था।
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