
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर: पहले मनुस्मृति फिर डॉ.भीमराव आंबेड़कर का चित्र जलाने के बाद एक बार फिर शहर में दो वर्ग आमने-सामने आ गए हैं। लगातार दोनों ही पक्षों द्वारा भड़काऊ टिप्पणी, वीडियो और फोटो पोस्ट किए जा रहे हैं। इसके चलते पुलिस की एक टीम सोशल मीडिया पर निगरानी कर रही है। 100 से ज्यादा आईडी ब्लॉक करवाई गईं। सैकड़ों पोस्ट भी हटवाई गई, जिससे शहर में शांति बरकरार रहे।
करीब छह माह में लगातार दो वर्ग कई बार आमने-सामने आए हैं। कुछ दिनों पहले मनुस्मृति जलाने के विरोध में ग्वालियर में रक्षक मोर्चा द्वारा एक जनवरी को बगैर अनुमति के जुलूस निकाला गया। इसी जुलूस के दौरान डॉ.भीमराव आंबेड़कर का चित्र भी जलाया गया। यह वीडियो बहुप्रसारित होने के बाद एससी-एसटी वर्ग के संगठन एसएसपी कार्यालय पहुंच गए।
पुरानी छावनी क्षेत्र में अधिवक्ता अनिल मिश्रा, अमित दुबे, मोहित ऋषिश्वर, गौरव व्यास को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। इन पर एफआईआर दर्ज की गई। एफआईआर दर्ज करने के बाद इन्हें जेल भी भेज दिया गया। इसके बाद भी एससी-एसटी वर्ग से जुड़े संगठनों के लोग लगातार वीडियो बहुप्रसारित कर रहे हैं। दूसरे वर्ग की ओर से भी वीडियो पोस्ट किए जा रहे हैं। इसके चलते पुलिस की साइबर सेल की टीम निगरानी कर रही है।
यह भी पढ़ें- भिंड नगर पालिका में नौकरी लगाने के नाम पर डेढ़ करोड़ की ठगी, निलंबित कर्मचारी ने दिए फर्जी ज्वाइनिंग लेटर
इस घटना के बाद शहर में माहौल तनावपूर्ण है। हाइकोर्ट में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। शनिवार को भी अधिवक्ता अनिल मिश्रा सहित अन्य आरोपितों के जमानत आवेदन पर सुनवाई थी, इसके चलते यहां सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए। अब रविवार को सुनवाई होगी। रविवार को भी सुबह से ही फोर्स तैनात रहेगी।