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Promotion in MP: 2009 बैच के सब-इंजीनियरों ने पदोन्नति सूची पर उठाए सवाल, कोर्ट जाने की दी चेतावनी

वर्ष 2009 की नियमित भर्ती से नियुक्त उपयंत्रियों (सिविल) ने पदोन्नति के लिए तैयार नई वरिष्ठता सूची पर आपत्ति दर्ज कराते हुए इसे तत्काल निरस्त करने की ...और पढ़ें

By Priyank SharmaEdited By: Dheeraj Belwal
Publish Date: Sat, 11 Jul 2026 05:27:04 PM (IST)Updated Date: Sat, 11 Jul 2026 05:27:04 PM (IST)
Promotion in MP: 2009 बैच के सब-इंजीनियरों ने पदोन्नति सूची पर उठाए सवाल, कोर्ट जाने की दी चेतावनी
मेरिट लिस्ट का हवाला देकर उपयंत्री ने खोला मोर्चा।

HighLights

  1. कार्यपालन यंत्री के 9 पदों पर पदोन्नति को लेकर विवाद
  2. एससी (SC) कोटे से पदोन्नति प्रक्रिया पर भी आपत्ति
  3. मेरिट लिस्ट का हवाला देकर उपयंत्री ने खोला मोर्चा

नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। नगर निगम में पदोन्नति को लेकर विवाद गहरा गया है। वर्ष 2009 की नियमित भर्ती से नियुक्त उपयंत्रियों (सिविल) ने पदोन्नति के लिए तैयार नई वरिष्ठता सूची पर आपत्ति दर्ज कराते हुए इसे तत्काल निरस्त करने की मांग की है। उनका आरोप है कि सूची में हुई अनियमितताओं के कारण वर्ष 2018 में नियुक्त उपयंत्रियों को भी उनसे पहले पदोन्नति का लाभ मिल सकता है, जो सेवा नियमों और प्राकृतिक न्याय के विरुद्ध है।

वरीयता की अनदेखी का आरोप

उपयंत्री अमित गुप्ता, ब्रजकिशोर त्यागी, मनीष यादव, राकेश कश्यप, राजेश परिहार, वीरेंद्र शाक्य, अजय कुमार शाक्यवार और राकेश सिंह कुशवाह ने नगरीय आवास एवं विकास विभाग के आयुक्त संकेत भोंडवे और नगर निगम आयुक्त को ज्ञापन सौंपा है। उनका कहना है कि वे वर्ष 2009 से नियमित सेवा में हैं, लेकिन नई वरिष्ठता सूची में उनकी वरीयता की अनदेखी की गई है।


नए सेटअप से वरिष्ठता प्रभावित होने का दावा

वर्ष 2015 में तकनीकी विभाग का नया सेटअप तैयार करते समय भवन अधिकारी, भवन निरीक्षक, जलप्रदाय-सीवर उपयंत्री, सहायक नगर निवेशक और नगर निवेशक जैसे पद अलग-अलग दर्शा दिए गए, जबकि इनसे जुड़े कार्य वर्षों से ये उपयंत्री ही करते आ रहे हैं। इससे उनकी वरिष्ठता प्रभावित हुई है। उपयंत्रियों ने यह भी आरोप लगाया कि वर्ष 2022 की पदक्रम सूची में बदलाव कर कुछ कर्मचारियों को अनुचित लाभ पहुंचाने का प्रयास किया गया है।

उन्होंने मांग की है कि वर्तमान पदक्रम सूची निरस्त कर नए सेटअप के अनुरूप वरिष्ठता सूची तैयार की जाए और कार्यपालन यंत्री के नौ रिक्त पदों पर पदोन्नति में उनकी वरीयता का पालन किया जाए। आपत्तियों का निराकरण नहीं होने पर वे न्यायालय की शरण लेंगे।

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एससी कोटे की पदोन्नति पर भी आपत्ति

वर्ष 2009 की नियमित भर्ती से नियुक्त उपयंत्री वीरेंद्र कुमार शाक्य ने अनुसूचित जाति (एससी) वर्ग की पदोन्नति प्रक्रिया पर भी आपत्ति दर्ज कराई है। निगमायुक्त को दिए आवेदन में उन्होंने कहा है कि वर्ष 2009 की भर्ती में राजू गोयल अनुसूचित जाति वर्ग से होने के बावजूद अनारक्षित मेरिट सूची में 12वें स्थान पर चयनित हुए थे।

ऐसे में उन्हें पदोन्नति का लाभ भी अनारक्षित श्रेणी के आधार पर ही मिलना चाहिए। गोयल को एससी वर्ग की वरिष्ठता सूची में शामिल करना नियमों के अनुरूप नहीं है और इससे एससी वर्ग के अन्य पात्र अधिकारियों के अधिकार प्रभावित होंगे।