
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। शीतला माता मंदिर हादसे में जहां ट्रक के नीचे दबे श्रद्धालु जिंदगी के लिए संघर्ष कर रहे थे, वहीं ग्राम सांतऊ की आयरन खदान का अमला उनके लिए देवदूत बनकर पहुंचा। सूचना मिलते ही खदान की जेसीबी और पोकलेन मशीनों ने ट्रक को उठाकर घायलों को बाहर निकालने में मदद की।
में कार्यरत सांतऊ निवासी सतेंद्र सिंह हादसे की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे। उन्होंने पुलिस की मदद से रास्ता बनवाया और खदान से भारी मशीनें बुलवाईं। जेसीबी आपरेटर प्रिंस कुमार प्रजापति सूचना मिलने के महज 49 सेकंड में मशीन लेकर घटनास्थल पर पहुंच गए।
उन्होंने टायरों में फंसे घायलों को राहत देने के लिए सूझबूझ से काम किया। इसके बाद जेसीबी और पोकलेन की मदद से ट्रक को उठाया गया, जिससे घायलों को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया जा सका। करहिया थाना प्रभारी गजेंद्र सिंह गुर्जर के अनुसार, खदान का अमला रात से दोपहर तक राहत कार्य में जुटा रहा।
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