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नईदुनिया प्रतिनिधि,ग्वालियर। शीतला माता मंदिर हादसे की मजिस्ट्रियल जांच के तहत गुरूवार को 14 अधिकारियों के एडीएम सीबी प्रसाद के समक्ष बयान दर्ज किए गए। एसडीएम लश्कर नरेंद्रबाबू यादव से लेकर कार्यपालन यंत्री पीडब्ल्यूडी व तहसीलदार-आरआई व पटवारियों के बयान दर्ज किए गए।
कुल 19 लोगों के बयान दर्ज किए जाने थे लेकिन सुबह से शाम तक बयानों में समय लग गया और करवाचौथ का त्यौहार भी था। बचे अधिकारियों के शुक्रवार को बयान दर्ज होंगे और इसी दिन पुलिस अधिकारियों के बयान भी दर्ज किए जाएंगे।
सीएसपी से लेकर टीआई सहित लगभग 12 से ज्यादा पुलिस अधिकारी शामिल हैं। इस मामले में अन्य रिपोर्ट पहले ही तलब की जा चुकी हैं। बयानों की प्रक्रिया दो दिन तक चल सकती है।
16 लोगों की हुईं थी मौत
बता दें कि, शीतला माता मंदिर हादसे में 16 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई थी, चीनोर रोड से आ रहे ट्रक ने शीतला माता मंदिर गेट पर लोगों को रौंद दिया था। वहीं इस हादसे में 42 लोग घायल हो गए थे। कई लोगों को एयरलिफ्ट कर भोपाल इलाज के लिए भेजा गया।
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सीएम ने इस मामले में जांच के आदेश कर पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों को निलंबित कर दिया था। मजिस्ट्रियल जांच के तहत पुलिस से पूरा रिकॉर्ड लिया गया है जिसमें डयूटी आदेश से लेकर जो जो पुलिसवाले डयूटी पर थे उन सभी के नाम मंगवाए गए।
इसके अलावा शीतला माता मंदिर पर जो नवरात्र से पहले बैठक हुई थी उसमें शामिल प्रशासन के अधिकारी एसडीएम,सीएसपी,पीडब्ल्यूडी के अधिकारी, बिजली कंपनी के इंजीनियर ,ट्रैफिक पुलिस सभी से जानकारी के लिए उन्हें बुलाया जा रहा है और बयान दर्ज किए जा रहे हैं।
अधिकारियों ने रखा अपना अपना पक्ष
एसडीएम नरेंद्र बाबू यादव से लेकर तहसीलदार रत्नेश शर्मा, अशोक सिंह , केके भोला, सीईओ जनपद घाटीगांव, बरई से लेकर कार्यपालन यंत्रियों व उपयंत्रियों को भी बुलाया गया।
सभी ने बयानों में अपनी बात रखी और हादसे को लेकर जो भी जानकारी थी सामने रखी। लिखित पूरा पक्ष बयानों के रूप में दर्ज कराया। इस मामलें में निलंबित पुलिस कर्मी व अटैच अधिकारी के भी बयान दर्ज होंगे।
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