
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। तिघरा के गुर्जा गांव से नौ माह की गर्भवती अंजू गुर्जर का गोलियां चलाकर अपहरण करने के मामले में 10 हजार रुपये के इनामी आरोपित को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। जबकि इस घटना में शामिल डकैत योगी गुर्जर के करीबी कल्ली गुर्जर को पुलिस अब तक नहीं पकड़ सकी है। वह ग्वालियर और मुरैना पुलिस के लिए सिरदर्द बन गया है। वह लगातार ग्वालियर और मुरैना में वारदात कर पुलिस को चुनौती दे रहा है। फिर भी पुलिस का मुखबिर तंत्र डकैत की पहुंच के आगे फेल साबित हो रहा है।
तिघरा क्षेत्र के ग्राम गुर्जा निवासी पीड़ित परिवार ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनके बेटे का विवाह वर्ष 2024 में हुआ था। आठ अक्टूबर 2025 को योगी गुर्जर, कल्ली गुर्जर, प्रदीप सिंह गुर्जर सहित अन्य अपराधी गांव में घुसे। इन लोगों ने अंधाधुंध गोलियां चलाईं और अंजू को अगवा कर ले गए थे।
पुलिस ने आरोपितों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की। योगी गुर्जर सहित नौ आरोपित अब तक पकड़े जा चुके हैं। कल्ली गुर्जर और प्रदीप गुर्जर फरार चल रहे थे। प्रदीप की लोकेशन पुलिस को मिली तो पुलिस ने घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार कर लिया। इसे पुलिस ने कैंथा गांव के पास से पकड़ा है।
कल्ली गुर्जर ने कुछ समय पहले ग्वालियर के घाटीगांव में हाईवे पर ट्रक में ताबड़तोड़ गोलियां मारकर टायर फोड़ दिए थे। उसने ट्रक चालक से टैरर टैक्स मांगा था और टैरर टैक्स न देने पर गोलियां मारी थीं। इसके बाद वह मुरैना भाग गया और अब वहां जंगल में छिपा है। वह इंस्टाग्राम पर लगातार फोटो व वीडियो अपडेट कर रहा है, लेकिन पुलिस के हाथ नहीं आ रहा है।
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