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ग्वालियर में जाम और अव्यवस्था से लोगों को मिलेगा छुटकारा, प्रशासन ने बनाया मास्टर प्लान, पढ़ें पूरी खबर

वीआईपी मूवमेंट के दौरान मंत्री-नेताओं की गाड़ियों और काफिले से शहर की सड़कों पर ट्रैफिक जाम और अव्यवस्था देखना आम बात है। पुलिस तक के हाथ-पांव फूल जात...और पढ़ें

By Varun SharmaEdited By: Akash Pandey
Publish Date: Wed, 08 Oct 2025 05:15:36 AM (IST)Updated Date: Wed, 08 Oct 2025 05:15:36 AM (IST)
ग्वालियर में जाम और अव्यवस्था से लोगों को मिलेगा छुटकारा, प्रशासन ने बनाया मास्टर प्लान, पढ़ें पूरी खबर
ग्वालियर में जाम और अव्यवस्था से लोगों को मिलेगा छुटकारा

नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। वीआईपी मूवमेंट के दौरान मंत्री-नेताओं की गाड़ियों और काफिले से शहर की सड़कों पर ट्रैफिक जाम और अव्यवस्था देखना आम बात है। पुलिस तक के हाथ-पांव फूल जाते हैं। ऐसे में शासन ने अब बड़े शहरों में आसपास के स्थानों पर हेलीपेड बनाए जाने का निर्णय लिया है, जिसकी प्रक्रिया पहले से चल रही है।

इसके तहत ग्वालियर में तीन हेलीपेड की साइट को फाइनल कर भोपाल भेजा गया है। इसमें डबरा के शासकीय कॉलेज परिसर का मैदान, भितरवार में स्थल और घाटीगांव में खुली सरकारी भूमि का चयन किया गया है। तीनों स्थलों को वेरीफाई करने के बाद इनका प्रस्ताव भेजा गया है।


पुरानी छावनी वाले क्षेत्र की ओर महाराजपुरा पर एयरपोर्ट पहले से स्थित है, इसलिए उस क्षेत्र का स्थल प्रस्तावित नहीं है। शासन की ओर से भेजे गए पत्र में बताया गया कि अतिविशिष्ट व्यक्तियों के भ्रमण के समय उनके आवागमन के दौरान सुरक्षा मानकों की दृष्टि से शहर के यातायात में आम जनता को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इसके स्थायी समाधान हेतु शहर की संपूर्ण दिशाओं के आवागमन को सम्मिलित करते हुए तीन से चार हेलीपेड की आवश्यकता है।

हेलीपेड में इन स्थानों को प्राथमिकता

शासन के निर्देश के अनुसार उचित स्थान चिह्नित करते समय शासकीय-निजी सुरक्षित परिसर, विश्वविद्यालय, महाविद्यालय, औद्योगिक इकाई आदि, जहां बाउंड्रीवाल निर्मित हो, ऐसी साइट को प्राथमिकता दी जाए। यदि अन्य किसी जानकारी या तकनीकी सहायता की आवश्यकता हो तो इस संबंध में आयुक्त, विमानन संचालनालय से समन्वय संपर्क किया जा सकता है।

यह भी ध्यान रखने के निर्देश

  • सीमेंट-डामर वाले हेलीपेड का पुनरावलोकन किया जाए, नई बाधाएं (निर्माण कार्य एवं बिजली के तारों आदि) के कारण।
  • हेलीपेड का निर्माण गांव-शहर आदि के बाहर, खुले मैदानी क्षेत्र, खेत आदि में किया जाए।
  • बेरिकेडिंग का निर्माण आसानी से टूट जाने वाली हल्की लकड़ी/बांस द्वारा किया जाए, जिसकी ऊंचाई चार फीट से ज्यादा न हो।
  • 250 मीटर की लंबाई एवं चौड़ाई के खुले मैदान में हेलीपेड बनाने चाहिए। इस मैदान में कोई भी पेड़, इमारत या बिजली-टेलीफोन का खंभा नहीं होना चाहिए।
  • हेलीपेड की भार क्षमता 7000 किलोग्राम होनी चाहिए।

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