Tokyo Olympics 2021: ग्वालियर/भोपाल, नईदुनिया प्रतिनिधि। टोक्यो ओलिंपिक में कांस्य पदक जीतने वाली हाकी टीम के सदस्य विवेक सागर और पैरालिंपिक में भाग लेने गई प्राची यादव को वर्ष 2020 के विक्रम पुरस्कार तथा इन्हें इस ऊंचाई पर पहुंचाने वाले कोच हबीब हसन और डा. वीके डबास को विश्वामित्र पुरस्कार के लिए चुना गया है। मप्र टेबल टेनिस संघ के आजीवन अध्यक्ष पद्मश्री अभय छजलानी को खेलों में विशेष योगदान के लिए लाइफ टाइम अचीवमेंट पुरस्कार दिया जाएगा। ग्वालियर के ही अंतरराष्ट्रीय बास्केटबॉल खिलाड़ी हर्षवर्धन सिंह तोमर को विक्रम और जूनियर फेंसिंग खिलाड़ी अंकित शर्मा को एकलव्य पुरस्कार के लिए चुना गया है।

खेल एवं युवा कल्याण संचालक पवन कुमार जैन ने शनिवार को प्रदेश के प्रतिष्ठित शिखर खेल अलंकरण पुरस्कारों के नामों की घोषणा की। उन्होंने कहा कि जल्द ही भव्य खेल समारोह आयोजित कर सम्मानित खिलाड़ियों को पुरस्कृत किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस बार 13 खिलाड़ियों को एकलव्य, 10 खिलाड़ियों को विक्रम व तीन प्रशिक्षकों को विश्वामित्र तथा एक को प्रभाष जोशी मलखंब पुरस्कार के साथ खेलों में विशेष योगदान के लिए लाइफटाइम एचीवमेंट पुरस्कर के लिए नामों की घोषणा की गई है।

इस बार कार्यक्रम भव्य होगा: पवन कुमार जैन ने बताया कि ओलिंपिक का साल है। शिखर खेल अलंकरण समारोह भव्य होगा। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भारतीय महिला हाकी टीम को 31-31 लाख रुपये देने की घोषणा की है, इसलिए यह टीम भी कार्यक्रम में शामिल हो सकती है।

मिलेगी दोगुनी राशि: खेल पुरस्कारों की राशि दोगुनी कर दी गई है। अब तक एकलव्य पुरस्कार के लिए 50 हजार, विक्रम, विश्वामित्र व प्रभाष जोशी व लाइफटाइम पुरस्कार के लिए एक-एक लाख रुपये की पुरस्कार राशि दी जाती है।

मेरा विश्वामित्र अवार्ड दिव्यांग खिलाड़ियाें के लिए बनेगा प्रेरणाः प्रतिष्ठित शिखर खेल अलंकरण पुरस्कारों के नामों की घोषणा में ग्वालियर के खाते में चार पुरस्कार आए। सबसे खास बात यह रही कि देश में पैरा स्वीमिंग की स्थापना करने वाले ग्वालियर के वीके डबास को विश्वामित्र अवार्ड के लिए चुना गया तो टोक्यो पैरालिंपिक में भाग लेने गई उनकी शिष्या प्राची यादव (दिव्यांग पैरा कैनो खिलाड़ी) को विक्रम पुरस्कार के लिए चुना गया है। डबास विश्वामित्र अवार्ड पाने वाले ग्वालियर के तीसरे प्रशिक्षक होंगे। इनसे पहले भारतीय कराते टीम के कोच जयदेव शर्मा को वर्ष 2007 और मनोज दुबे को वर्ष 2012 में विश्वामित्र अवार्ड मिला था। विश्वामित्र अवार्ड के लिए चुने गए डबास ने टोक्यो से नईदुनिया से फोन पर चर्चा करते हुए कहा कि मेरा विश्वामित्र अवार्ड दिव्यांग खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा बनेगा। अब वे खेलों के प्रति और अधिक आकर्षित होंगे, क्योंकि अब खेल केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि बेहतर भविष्य बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि देश में मैंने ही पैरा स्वीमिंग की स्थापना की है, जिसके परिणाम सबके सामने हैं। डबास टोक्यो में चल रहे पैरा ओलिंपिक में 108 सदस्यीय भारतीय दल के कोविड प्रभारी की भूमिका निभा रहे हैं। अभी तक इनके आठ खिलाड़ियों को प्रदेश सरकार विक्रम अवार्ड दे चुकी है। पद्मश्री दीपा मलिक को भी इन्होंने शुरुआत में पैरा स्वीमिंग का प्रशिक्षण दिया था। दिव्यांग श्रेणी पैरा कैनो खेल में विक्रम अवार्ड के लिए चुनी गईं प्राची तीन सितंबर को पदक के लिए पानी में उतरेंगी। अंतरराष्ट्रीय बास्केटबॉल खिलाड़ी हर्षवर्धन सिंह तोमर विक्रम अवार्डी चुनने पर काफी खुश हैं। वहीं, एकलव्य अवार्ड के लिए चुने गए अंकित शर्मा ने कहा कि मुझे अभी काफी आगे जाना है। यह तो शुरुआत है। वे बताते है कि मैं फिलहाल पुणे के आर्मी स्पोर्ट्स इंस्टीट्यूट में प्रशिक्षण ले रहे हैं।

Posted By: vikash.pandey

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