केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने ग्वालियर में मल्टी-लेवल पार्किंग प्रोजेक्ट का निरीक्षण किया, बोले- काम फरवरी-मार्च तक पूरा होने की उम्मीद
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने सोमवार को ग्वालियर के महाराजवाड़ा में बन रही मल्टी-लेवल कार पार्किंग सुविधा के निर्माण कार्य का निरीक्षण किया...और पढ़ें
Publish Date: Mon, 21 Sep 2026 04:28:46 PM (IST)Updated Date: Mon, 21 Sep 2026 04:28:46 PM (IST)
HighLights
- पानी के जमाव और दबाव को ध्यान में रखकर ही फैसला लेना होगा
- कोटवाल संप वेल और तानसेन स्क्वायर तक पाइपलाइन का निरीक्षण
- पुराने वार्डों में नेटवर्क का नवीनीकरण और छह नए वार्डों में नई पाइपलाइन
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने सोमवार को ग्वालियर के महाराजवाड़ा में बन रही मल्टी-लेवल कार पार्किंग सुविधा के निर्माण कार्य का निरीक्षण किया और कहा कि इस प्रोजेक्ट के अगले साल फरवरी-मार्च तक पूरा होने की उम्मीद है।
सिंधिया ने कहा, हमने मल्टी-लेवल पार्किंग का निरीक्षण किया। काम चल रहा है और इसे फरवरी-मार्च तक तैयार हो जाना चाहिए। लेकिन मुख्य बात बेसमेंट में पानी की है। इसके लिए हमें पूरी सावधानी के साथ फैसला लेना होगा। प्रशासन और निर्माण कंपनी को मिलकर फैसला लेना होगा।
पानी के जमाव और दबाव को ध्यान में रखकर ही फैसला लेना होगा
उन्होंने कहा कि बेसमेंट में पानी जमा होने और दबाव से निपटने के उपायों पर फैसला लेने से पहले सभी सावधानियां बरती जानी चाहिए। हर सावधानी को ध्यान में रखकर फैसला लेने और उचित अध्ययन करने के लिए कहा है, क्योंकि हमें पानी के जमाव और दबाव को ध्यान में रखकर ही फैसला लेना होगा।
कोटवाल संप वेल और तानसेन स्क्वायर तक पाइपलाइन का निरीक्षण
ग्वालियर के लिए महत्वाकांक्षी चंबल-कोटवाल जल परियोजना के बारे में बात करते हुए सिंधिया ने कहा कि 2020 में मंजूर हुई यह परियोजना प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव के सहयोग से धीरे-धीरे आकार ले रही है।
सिंधिया ने कहा, कल मैंने चंबल इनटेक वेल, देवड़ी संप वेल, कोटवाल संप वेल और तानसेन स्क्वायर तक आने वाली 31 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन का निरीक्षण किया। तानसेन स्क्वायर से पाइपलाइन मोती झील और जलालपुर में बने वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट से जुड़ेगी, जिसके बाद पूरे ग्वालियर में वितरण नेटवर्क विकसित किया जाएगा।
पुराने वार्डों में नेटवर्क का नवीनीकरण और छह नए वार्डों में नई पाइपलाइन
उन्होंने कहा कि इस परियोजना में दो हिस्से शामिल हैं। पुराने वार्डों में मौजूदा वितरण नेटवर्क का नवीनीकरण और छह नए जोड़े गए वार्डों में नई पाइपलाइन बिछाना। कुल मिलाकर हमें नई लाइनों के लिए 900 करोड़ रुपये और उनके नवीनीकरण के लिए 1,100 करोड़ रुपये की आवश्यकता होगी।
हमें छह वार्डों में नई लाइनों के लिए 500 करोड़ रुपये मिल चुके हैं और इसका काम चल रहा है। सिंधिया ने कहा, हमें चंबल से ग्वालियर के वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट तक डिस्ट्रिब्यूशन पाइपलाइन के जरिए पानी लाने के लिए 550 करोड़ रुपये भी मिले हैं, जिसका मैंने कल खुद निरीक्षण किया।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि उन्होंने रविवार को टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन प्रोजेक्ट का भी निरीक्षण किया, जिसे टेलीकॉम और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग और इनोवेशन के लिए एक अत्याधुनिक इंडस्ट्रियल क्लस्टर के तौर पर विकसित किया जा रहा है।