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शिवपुरी के प्रेमी जोड़े की याचिका पर हाईकोर्ट का निर्देश, 'प्रेम विवाह के बाद जान को खतरा हो तो जांच कर दें सुरक्षा'

कोर्ट ने कहा यदि याचिकाकर्ताओं को वास्तविक खतरा है, तो उनकी सुरक्षा जरूरी है।

By Harsh ShrivastavaEdited By: Akash Pandey
Publish Date: Sun, 03 May 2026 09:58:07 PM (IST)Updated Date: Sun, 03 May 2026 09:58:07 PM (IST)
शिवपुरी के प्रेमी जोड़े की याचिका पर हाईकोर्ट का निर्देश, 'प्रेम विवाह के बाद जान को खतरा हो तो जांच कर दें सुरक्षा'
जांच के बाद खतरा सही होने पर तुरंत सुरक्षा देने का आदेश

HighLights

  1. प्रेम विवाह के बाद खतरे की जांच कर सुरक्षा देने के निर्देश
  2. हाईकोर्ट ने विवाह की वैधता पर टिप्पणी से किया इनकार
  3. जांच के बाद खतरा सही होने पर तुरंत सुरक्षा देने का आदेश

नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय, ग्वालियर खंडपीठ ने एक महत्वपूर्ण मामले में आदेश देते हुए कहा है कि प्रेम विवाह के बाद यदि किसी प्रकार की धमकी या खतरा बताया जा रहा है, तो उसकी वास्तविकता की जांच कर आवश्यक सुरक्षा दी जाए। यह आदेश न्यायमूर्ति मिलिंद रमेश फड़के ने दिया।

क्या है मामला

यह मामला प्रियंका अहिरवार से संबंधित है। याचिकाकर्ताओं ने हाईकोर्ट में बताया कि उन्होंने अपनी मर्जी से विवाह किया है, लेकिन परिवार वाले इस विवाह से नाराज हैं और इसे स्वीकार नहीं कर रहे हैं। उनका आरोप है कि विवाह के बाद से लगातार परिवार की ओर से धमकियां और डराने-धमकाने की घटनाएं हो रही हैं, जिससे उनकी जान को खतरा है।


याचिकाकर्ताओं ने अपने बालिग होने के प्रमाण के रूप में आधार कार्ड प्रस्तुत किए और कहा कि दोनों ने पूरी तरह अपनी इच्छा से विवाह किया है। वहीं राज्य सरकार की ओर से कहा गया कि यदि याचिकाकर्ता पुलिस से संपर्क करते हैं तो नियमानुसार उचित कार्रवाई की जाएगी।

सुरक्षा जरूरी

सभी तथ्यों पर विचार करने के बाद हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि वह विवाह की वैधता पर कोई टिप्पणी नहीं कर रहा है। लेकिन यदि याचिकाकर्ताओं को वास्तविक खतरा है, तो उनकी सुरक्षा जरूरी है। इसलिए कोर्ट ने पुलिस अधीक्षक शिवपुरी को निर्देश दिया है कि वह पहले विवाह, आयु और खतरे की स्थिति की जांच करें। यदि जांच में खतरा सही पाया जाता है, तो याचिकाकर्ताओं को तुरंत पुलिस सुरक्षा दी जाए।

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