
नईदुनिया प्रतिनिधि, हरदा। पटाखा फैक्ट्री में विस्फोट के बाद हर तरफ मलबा फैला था। मौके पर मौजूद एसडीएम केसी परते ने कहा कि विस्फोट के बाद फैक्ट्री में इतनी आग थी कि वहां तक पहुंचना संभव नहीं था। मुख्य बिल्डिंग गिर चुकी थी। आग के कारण लोगों को रेस्क्यू में भी दिक्कत हो रही थी। दोपहर दो बजे की स्थिति में 15 फायर ब्रिगेड घटना स्थल पर पानी से आग बुझाने में जुटी रही।
#WATCH मध्य प्रदेश: NDRF और SDRF हरदा के पटाखा फैक्ट्री में आग बुझाने और कूलिंग करने का काम कर रहे हैं, जहां कल एक बड़ा विस्फोट हुआ था, जिससे आसपास के घर प्रभावित हुए थे।
इस घटना में अब तक 11 लोगों की मृत्यु हुई है। pic.twitter.com/bzROtbVbsU
— ANI_HindiNews (@AHindinews) February 7, 2024
हरदा से भोपाल के बीच ग्रीन कारिडोर बनाया
फैक्टरी के घायलों को इसी कारिडोर से भोपाल के हमीदिया अस्पताल और एम्स भोपाल ले जाया गया। इसके लिए हरदा से भोपाल के बीच ग्रीन कारिडोर बनाया गया। सीएमएचओ डा एचपी सिंह ने बताया कि पटाखा फैक्टरी में विस्फोट में घायल हुए 7 लोगों को हरदा जिला अस्पताल से भोपाल के हमीदिया अस्पताल रैफर किया गया।
आसपास के साठ घरों में लगी आग
जब विस्फोट होना शुरू हुए तो फैक्ट्री के आसपास बने घरों में बारूद रखा था ऐसे करीब 60 घरों में आग लग गई। इसके बाद अधिकारियों ने सुरक्षा की दृष्टि से करीब 100 से ज्यादा घरों को खाली कराया। मालूम हो कि कुछ समय पहले हरदा प्रशासन ने पटाखा फैक्ट्री को अनफिट घोषित कर दिया था। बाद में संभागायुक्त नर्मदापुरम ने इसे बहाल कर दिया था। फैक्ट्री करीब डेढ़ एकड़ में फैली है। यहां 300 से ज्यादा लोग काम करते हैं। फैक्ट्री में काम करने वाले करीब 40 परिवार अस्थाई निर्माण कर यहीं पर रह रहे थे।
धमाकों से टूट गए पेड़
फैक्ट्री के आसपास लगे पेड़ भी धमकों से टूट गए। कई विशाल पेड़ तिनके की तरह टूटकर जमीन पर गए। कई हरे भरे पेड़ सूखी घांस की तरह जलने लगे। यह नजारा इतना भयावह था कि देखते नहीं बन रहा था।
प्रवेश पत्र, नोट्स और किताब भी जली
बैरागढ में रहने वाली कक्षा 10वीं की छात्रा नैंसी महेश प्रजापति भी फैक्ट्री में लगी आग का शिकार हो गईं हैं। उन्हें पैर में चोंट लगी है। अस्पताल के महिला वार्ड में इलाज करा रही हैं। फिर भी 9 फरवरी होने वाले संस्कृत के पेपर की चिंता सता रही है। उन्होंने उनके घर में लगी आग से सारा सामान जल गया। इसके साथ ही नैंसी का परीक्षा प्रवेश पत्र, नोट्स और किताब जल गई हैं। अब उन्हें अपने बाकी पेपर की तैयारी का डर सता रहा है। नैंसी ने कहा कि घर में रखे सारे कीमती सामान जलकर राख हो गए।